दिल्ली को फूड हब बनाएगी केजरीवाल सरकार, मजनू का टीला, चांदनी चौक से होगी शुरुआत, दुनिया में होगी ब्रांडिंग

फूड हब की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली भारत का फूड कैपिटल माना जाता है। दिल्ली के लोगों को खाने-खिलाने का बहुत शौक है। यहां साउथ इंडियन, मराठी, गुजराती, बंगाली समेत हर किस्म का खाना मिलता है। देश-दुनिया का हर तरह का खाना दिल्ली में मिलता है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ऐलान किया कि उनकी सरकार राजधानी में फूड हब विकसित करेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत मजनू का टीला और चांदनी चौक को फूड हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शहर के सभी फूड हब विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने अगले पांच साल में 20 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है और फूड हब की दिशा में यह कदम इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि रिसर्च और मार्केट एसोसिएशंस के साथ कई बैठकों के बाद मजनू का टीला और चांदनी चौक को चिन्हित किया गया है। यहां सड़क, बिजली, पानी और सफाई का इंतजाम किया जाएगा। फूड सेफ्टी और हाइजिन की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाएगा। साथ ही पूरे देश और दुनिया के अंदर इसकी ब्रांडिंग की जाएगी, ताकि दिल्ली आने वाले लोग इन फूड हब में आ सकें।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगले छह हफ्ते के अंदर एक डिजाइन प्रतियोगिता करेंगे, जिसमें देश की मशहूर आर्किटेक्चर फर्म से इन फूड हब को विकसित करने के लिए डिजाइन मांगा जाएगा। इसके बाद अगले 12 हफ्तों में आर्किटेक्चर के डिजाइन को अंतिम रूप देकर कांट्रैक्ट दे दिया जाएगा और दोनों फूड हब को विकसित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि आने वाले पांच साल के अंदर हमने यह लक्ष्य रखा है कि 20 लाख युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेंगे। रोजगार उत्पन्न करने के लिए नए आइडिया लेकर आ रहे हैं।

केजरीवाल ने फूड हब की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली, भारत का फूड कैपिटल माना जाता है। दिल्ली के लोगों को खाने और खिलाने का बहुत शौक है। दिल्ली में साउथ इंडियन, मराठी, गुजराती, बंगाली समेत हर किस्म का खाना मिलता है। पूरे देश का किसी भी तरह का खाना हो, वो दिल्ली में मिलता है। साथ ही, दुनिया भर का खाना दिल्ली में मिलता है। चाहे इटेलियन हो, चाइनीज हो या एशियन हो, वो दिल्ली में जरूर मिलता है।


केजरीवाल ने कहा कि इन फूड हब के अंदर हम भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगे। वहां की सड़कें, बिजली, पानी, सफाई आदि ठीक करेंगे। दूसरा, उस फूड हब के अंदर फूड सेफ्टी का पूरा इंतजाम किया जाएगा, ताकि फूड सेफ्टी और हाइजिन की गाइडलाइन का सभी लोग सख्ती के साथ पालन करें।

तीसरा, उस फूड हब की पूरे देश और पूरी दुनिया के अंदर ब्रांडिंग की जाएगी। ताकि देश-दुनिया से दिल्ली आने वाले लोग उस फूड हब में आ सकें। सीएम ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इससे बहुत सारे रोजगार उत्पन्न होंगे। शुरूआत में पायलट आधार पर हम पहले चरण में दो फूड हब विकसित करने जा रहे हैं। इसके ऊपर बहुत रिसर्च की गई और पूरे दिल्ली के अंदर जगह-जगह फूड हब का दौरा किया गया। वहां पर कितनी दुकानें हैं और रोजाना कितने लोग आते हैं। कौन सा खाना कहां पर प्रसिद्ध है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मार्केट एसोसिएशन के साथ कई बैठकें की। उसके बाद पहले चरण के लिए दो फूड हब विकसित करने के लिए चिन्हित किए गए हैं। पहला मजनू का टीला है। मजनू का टीला खासकर छात्रों, खासकर डीयू के बच्चों के लिए बहुत ज्यादा प्रसिद्ध स्थान है और पूरे एशियन सीरीज के लिए प्रसिद्ध है। दूसरा, चांदनी चौक है। चांदनी चौक में आसपास काफी कुछ ऐसा है, जिसको फूड हब बनाया जाएगा। यहां पर चांदनी चौका का खाना भी बहुत प्रसिद्ध है।

केजरीवाल सरकार तीन स्तरों पर इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन करेगी। पहला, विभिन्न अथॉरिटीज के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। मसलन, पर्यटन विभाग और डीटीटीडीसी सभी संबंधित विभागों और प्राधिकारियों को एक छत के नीचे लाएगा और इस योजना के क्रियान्वयन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी देगा। दूसरा, बाजार एसोसिएशन के साथ साझेदारी की जाएगी। एसोसिएशन के साथ कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। तीसरा, दिल्ली सरकार इसके लिए डिजाइन प्रतियोगिता भी आयोजित करेगी। प्रत्येक हब के लिए एक डिजाइन प्रतियोगिता शुरू की जाएगी, जो हब के पुनर्विकास के लिए सर्वश्रेष्ठ 'आउट ऑफ बॉक्स आइडिया' प्राप्त करने में मदद करेगी। एक अद्वितीय ब्रांड बनाने के लिए पेश किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की मुख्य यूएसपी के आधार पर हब विकसित किया जाएगा।

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