केरल में भारी बारिश से बढ़ी परेशानी, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, राहत शिविरों में पहुंचाए जा रहे लोग

केरल में लगातार बारिश से कई जिले जलमग्न हो गए हैं। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, जबकि तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों की चेतावनी जारी हुई है।

फोटो: @ITBP_official
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केरल के कई हिस्सों में बुधवार को भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर बड़े पैमाने पर जलजमाव हो गया है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और प्रभावित लोगों के लिए अतिरिक्त राहत शिविर खोले गए हैं।

दक्षिणी केरल के पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। लगातार बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण इन जिलों के कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं। कई स्थानों पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।

निचले इलाकों में अब भी जमा है पानी

अधिकारियों के मुताबिक, निचले इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। कई घरों में पानी भरने के बाद लोगों को वहां से निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया है। लगातार बारिश के चलते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त राहत शिविरों की व्यवस्था की है।

उत्तरी केरल के कोझिकोड और कन्नूर के पर्वतीय इलाकों समेत कई हिस्सों में भी व्यापक बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बुधवार सुबह अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान भी जताया गया है।

आईएमडी ने कोल्लम, पत्तनमथिट्ठा, इडुक्की और एर्णाकुलम जिलों में भी कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चलने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 अगस्त की सुबह 3 बजे से 5 अगस्त की मध्यरात्रि के बीच केरल में सबसे ज्यादा बारिश कासरगोड जिले के पनाथुर में दर्ज की गई, जहां 84 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं कन्नूर जिले के चेरुवांचेरी में इसी अवधि के दौरान 61 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तटीय इलाकों में ऊंची समुद्री लहरों को लेकर चेतावनी

इस बीच भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने ‘कल्लक्कडल’ यानी समुद्र में अचानक ऊंची लहरें उठने की घटना को लेकर तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।

आईएनसीओआईएस ने तिरुवनंतपुरम के कप्पिल से पोजियूर, कोल्लम के अलप्पाड से एडवा और अलप्पुझा के चेल्लानम से अजिक्कल जेट्टी तक के तटीय इलाकों में समुद्र में उथल-पुथल की संभावना जताई है।

चेतावनी के मुताबिक, बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे से बृहस्पतिवार रात साढ़े 11 बजे तक समुद्र में 1.1 से 1.4 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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