केरल में बाढ़, बारिश और भूस्खलन से 100 सालों में सबसे बड़ी तबाही, अब तक 324 की मौत, लाखों लोग हुए बेघर

केरल में बाढ़ से 100 सालों में सबसे बड़ी तबाही

केरल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से तबाही जारी है। पूरे राज्य में चारों तरफ भयावह दृश्य है। 14 जिलों में से 12 जिलों में रेडअलर्ट जारी किया गया है। राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं। इडुक्की बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

केरल में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से 100 सालों में सबड़े तबाही हुई है। यह जानकारी केरल सीएमओ ने दी है। केरल सीएमओ ने ट्वीट कर कहा, “केरल 100 सालों में सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। राज्य के 80 बांध खोल दिए गए हैं। अब तक 324 लोगों की जान जा चुकी है। 2,23,139 लोगों को अब तक 15 सौ से ज्यादा राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। आपसे अपील की जाती है कि राहत कोष में आप दान करें।”

राज्य सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 14 जिलों में से 12 जिलों में रेडअलर्ट जारी किया गया है। पेरियार और इसकी सहायक नदियों में उफान से एर्नाकुलम और त्रिशूर के कई कस्बे जलमग्न हो गए हैं। इडुक्की बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

चालाकुडी से टीवी चैनलों को वीडियो क्लिप भेजने वाले लोगों के एक समूह ने कहा, "हमारे पास खाना नहीं है और 150 लोग राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।" हजारों लोग अभी भी ऊंची इमारतों पर बैठे हैं और बचाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अकेले एर्नाकुलम और त्रिशूर शिविरों में 50,000 से अधिक लोग फंसे हैं।

मंत्रिमंडल सचिव पी.के. सिन्हा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए केरल व तमिलनाडु के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। सिन्हा ने थल, जल और वायु सेना, एनडीआरएफ और विभिन्न एजेंसियों को केरल में जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके साथ ही इन एजेंसियों को नाव, हेलीकॉप्टर, लाइफ जैकेट, रेन कोट इत्यादि सामना भी मुहैया कराने के आदेश दिए।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "केंद्र ने अब तक केरल में 339 मोटर बोट, 2800 लाइफ जैकेट, 1400 लाईफ ब्वॉय, 27 लाईट टॉवर्स, 1000 रेनकोट वितरित किए हैं।" बयान के अनुसार, 1 लाख खाद्य पैकेट को वितरित किया गया है और अन्य 1 लाख खाद्य पैकेट की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। वहीं रेलवे ने भी अभी तक 1,20,000 पानी के बोतल मुहैया कराए हैं और इसके अतिरिक्त इतने ही और बोतलों की व्यवस्था की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि 2.9 लाख लीटर पीने के पानी को लेकर विशेष ट्रेन को भेजा गया है, जोकि शनिवार को कायाकुलम पहुंचेगी।

भारतीय नौसेना ने गोताखोर सदस्यों के साथ अपनी 51 नौकाओं को तैनात किया है। वहीं 1000 लाईफ जैकेट और 1300 रबड़ के जूते केरल भेजा गया है। इसके साथ ही शुक्रवार को 1600 खाद्य पैकेट को विमान से नीचे गिराया गया था।

बयान के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने 23 हेलीकॉप्टर, 11 ट्रांसपोर्ट विमानों को तैनात किया है। थल सेना ने 10 टुकड़ियों, 10 इंजीनियरिंग टास्क फोर्स, 60 नौकाओं और 100 लाइफ जैकेट को सेवा पर लगाया है। एनडीआरएफ ने 43 राहत टीमों और 163 नौकाओं को अन्य सामग्रियों के साथ काम पर लगाया है। जिन क्षेत्रों में टेलीफोन संपर्क कट गया है, केरल सरकार ने वहां के लोगों को संचार के लिए वी-सैट का प्रयोग करने की सलाह दी है।

इस बीच तिरुवनंतपुरम से कोच्चि के लिए रवाना हुए, जहां वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस केरल में बांध से लोगों की मौत और तबाही से चितित हैं। वैश्विक संगठन इस घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है।

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि संयुक्त राष्ट्र भारत में बाढ़ से मची तबाही और मौतों से व्यथित है। यह बाढ़ लगभग 100 सालों में सबसे विनाशकारी बाढ़ है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत ने संयुक्त राष्ट्र से सहयोग मांगा है? इस पर उन्होंने कहा कि अभी तक मदद नहीं मांगी गई है, जैसा कि आपको पता है कि भारत के पास इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सक्षम मशीनरी है।

उन्होंने कहा, "लेकिन यकीनन हमारी टीम और मैं हमारे रेजिडेंट समन्वयक यूरी अफानासेव के संपर्क में हैं। वे इस घटना पर करीब से नजर रखे हुए हैं।"

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