खान सर को बड़ी राहत! पटना कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक, अगली सुनवाई तक नहीं होगी कठोर कार्रवाई

पटना फायरिंग मामले में खान सर को राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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पटना के चर्चित फायरिंग मामले में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सोमवार को दाखिल हुई थी अग्रिम जमानत याचिका

खान सर की ओर से उनके वकील अरविंद मउआर ने सोमवार को पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। खान सर के खिलाफ हत्या की कोशिश और हथियारों के अवैध इस्तेमाल से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज है। मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया।


गार्डों की जमानत पर भी कोर्ट के फैसले का इंतजार

इसी मामले में जेल में बंद खान सर के दो सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई थी। उनके वकील अरविंद मउआर ने प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से मामले में जमा किए गए सिलसिलेवार सबूतों की मांग की है।

चार जून को गिरफ्तार किए गए दोनों गार्डों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। अब इस मामले में उनके पक्ष में फैसला आता है या नहीं, इस पर भी नजरें टिकी हुई हैं।

एफआईआर में क्या हैं आरोप?

पुलिस ने खान सर के गार्डों के बयान के आधार पर उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर में दावा किया गया है कि खान सर ने अपने गार्डों से कहा था, "तुम गोली चलाओ, बाकी मैं देख लूंगा।" इसी आरोप के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

वहीं, दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर सोमवार को पटना में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। ऐसे में फायरिंग मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सड़कों पर भी समर्थन और विरोध का माहौल देखने को मिल रहा है।

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