करनाल में कल किसान महापंचायत से फूले खट्टर सरकार के हाथ-पैर, धारा-144 लगाने के साथ ही इंटरनेट बंद करने के आदेश

करनाल महापंचायत किसानों पर 28 अगस्त को हुए लाठीचार्ज के खिलाफ बुलाई गई है। प्रदर्शनकारी किसान 28 अगस्त को पुलिस कार्रवाई का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फोटोः नवजीवन
फोटोः नवजीवन
user

नवजीवन डेस्क

हरियाणा के करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के खिलाफ मंगलवार को बुलाई गई महापंचायत को देखते हुए बीजेपी की खट्टर सरकार के हाथ-पैर फूल गए हैं। सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर जिले में आज आधी रात से मंगलवार रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही सरकार ने करनाल में बड़ी संख्या में किसानों की सभा को देखते हुए सोमवार को अंबाला-दिल्ली एनएच-44 पर प्रमुख यातायात अवरोधों को रोकने के लिए वैकल्पिक मार्गो की भी घोषणा की।

अंबाला से दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक को कुरुक्षेत्र के पिपली से डायवर्ट किया जाएगा। इसी तरह दिल्ली से अंबाला जाने वाले ट्रैफिक को पानीपत के पेप्सी ब्रिज से डायवर्ट किया जाएगा। करनाल के जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है, "लोगों को 7 सितंबर को एनएच 44 पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि किसानों की महापंचायत के कारण इस राजमार्ग पर यातायात की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।"

किसान करनाल की अनाज मंडी में इकट्ठा होंगे और मिनी सचिवालय की ओर बढ़ने से पहले एनएच 44 पर विरोध मार्च निकालेंगे। भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने करनाल में मीडिया से कहा, "करनाल प्रशासन के साथ बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला है। हम अपनी योजना के अनुसार मिनी सचिवालय का 'घेराव' करेंगे।"


कल की यह महापंचायत किसानों पर 28 अगस्त को हुए लाठीचार्ज के खिलाफ बुलाई गई है। प्रदर्शनकारी किसान 28 अगस्त को पुलिस कार्रवाई का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी और प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही प्रदर्शनकारी किसान सुशील काजल के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही घायल किसानों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं।

जिला प्रशासन पहले ही करनाल में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर जनता के इकट्ठा होने पर रोक लगा चुका है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि अंबाला-दिल्ली राजमार्ग पर करनाल जिले में कुछ यातायात बाधित हो सकता है। उन्होंने कहा कि एनएच 44 का उपयोग करने वाली आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे करनाल शहर से यात्रा न करें और 7 सितंबर को अपने गंतव्य तक जाने के लिए वैकल्पिक मार्गो का उपयोग करें। सभी नागरिकों को इन व्यवस्थाओं के बारे में पहले से सूचित किया जा रहा है, ताकि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना बना सकें और उसमें बदलाव कर सकें।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia