किसान आंदोलन: KMP हाइवे बंद, ट्रॉली, गद्दे और चारपाई लेकर हाइवे पर बैठे किसान, शव वाहन, एम्बुलेंस को मिलेगी छूट

किसान मोर्चा ने आंदोलन को तेज करने के लिए केएमपी हाइवे 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है। वहीं किसानों ने हाइवे पर ही ट्रॉलियों को लगा दिया है, साथ ही टोल प्लाजा पर एक मंच भी बनाया है, जहां से किसान भाषण भी दे रहे हैं।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

कृषि कानून के खिलाफ किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन करते हुए आज 135वां दिन है। संयुक्त किसान मोर्चा ने केएमपी हाइवे बंद करने का आह्वान किया है, इसी तर्ज पर सिंघु बॉर्डर से आए किसानों ने 1 नम्बर कुंडली टोल प्लाजा (वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे) सोनीपत को बंद कर दिया है। किसान मोर्चा ने आंदोलन को तेज करने के लिए केएमपी हाइवे 24 घंटे के लिए बंद कर दिया है। वहीं किसानों ने हाइवे पर ही ट्रॉलियों को लगा दिया है, साथ ही टोल प्लाजा पर एक मंच भी बनाया है, जहां से किसान भाषण भी दे रहे हैं।

करीब 500 से अधिक संख्या में किसानों ने हाईवे बंद के दौरान टिकरी बॉर्डर पर हुए एक किसान की मृत्यु पर 2 मिनट का मौन भी रखा और 'शहीद किसान अमर रहे' के नारे भी लगाए।
दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन को किसान एक मजबूत धार देने में लगे हुए हैं, यही वजह है कि किसान लगातार नई-नई रूप रेखा तैयार कर रहे हैं।

वहीं, एक बार फिर किसान हाइवे बंद कर सरकार पर दबाब बनाने की कोशिश कर रहे हैं, यही वजह है कि संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से ऐलान किया गया है कि "केएमपी हाईवे को 24 घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इस दौरान आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाएगा।" मोर्चा का कहना है कि सरकार किसानों की आवाज को दरकिनार कर रही है।"

मोर्चा ने बताया, "हम सभी किसानों की तरफ से आश्वस्त करते हैं कि केएमपी बंद के दौरान आम नागरिकों के साथ अच्छा बर्ताव किया जाएगा व यह पूर्ण रूप से शांतमयी रहेगा। साथ ही हम आम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि अन्नदाता के सम्मान में इस कार्यक्रम में अपना सहयोग दें।"

गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसान भी डासना पर पहुंच हाइवे को जाम करेंगे। इसमें भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी साथ रहेंगे। जाम में शव वाहन, एम्बुलेंस, शादी वाहन, आवश्यक वस्तु वाहन को छूट दी जाएगी। अगर महिलाओं की गाड़ी फंस जाती है, तो उनको नीचे उतरने की छूट दी जायेगी।

दरअसल, तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 पर किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता हेतु सरकार का विरोध कर रहे हैं ।

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