यूपी: गौतम बुद्ध नगर में किसानों का बड़ा ऐलान, मांगें पूरी होने तक नहीं हटेंगे, तीनों प्राधिकरणों के बाहर धरना

गौतम बुद्ध नगर में किसानों ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। राकेश टिकैत ने कहा कि समाधान होने तक किसान धरने से पीछे नहीं हटेंगे।

फोटो: IANS
i

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से सोमवार को आयोजित किसान महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान पैदल मार्च करते हुए यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने भी कहा कि किसान अपनी मांगों के समाधान तक पीछे नहीं हटेंगे।

महापंचायत में जिले के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। महापंचायत को राकेश टिकैत ने संबोधित किया और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

पुलिस प्रशासन के विरोध में सड़क पर बैठे किसान

महापंचायत के बाद जब किसान पैदल मार्च करते हुए यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे तो उनके मुताबिक पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। किसान आंदोलन को लेकर कथित सख्ती के विरोध में सड़क पर ही बैठ गए और पुलिस प्रशासन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बड़ी संख्या में किसानों के जुटने से मौके पर माहौल गरम रहा।

राकेश टिकैत ने कहा कि “जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनके मुताबिक प्राधिकरणों की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि उनके साथ वादाखिलाफी की गई, जिससे नाराजगी बढ़ रही है।


64.7% अतिरिक्त मुआवजा और 10% प्लॉट की मांग

महापंचायत में किसानों ने अपनी प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। किसानों की मांग है कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे, 10 प्रतिशत किसान कोटा के प्लॉट और आबादी के लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए।

इसके अलावा क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी पर रोक लगाने, नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने जमीनों के गलत तरीके से किए गए अधिग्रहण को लेकर प्रशासन से नीति स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहण की प्रक्रिया में गई हैं, उन्हें नियमानुसार अधिकार और उचित लाभ मिलना चाहिए।

जेवर एयरपोर्ट में रोजगार और भूमिहीन किसानों के लिए प्लॉट की मांग

किसानों ने जेवर एयरपोर्ट में क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही भूमिहीन किसानों के लिए 120 वर्ग मीटर के प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।

किसानों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के कारण जिन लोगों की जमीन चली गई या जो भूमिहीन हो गए हैं, उनके पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


तीनों प्राधिकरणों के बाहर डटे रहने का ऐलान

राकेश टिकैत ने प्रशासन से किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की। भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, किसान अपनी मांगों को लेकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण, तीनों प्राधिकरणों के बाहर डटे हुए हैं।

किसान नेताओं ने संकेत दिया कि अगर मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए