कोलकाता पंडाल भगदड़: आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार, 19 मौतों के बाद बोबाजार में 3 दिन तक पाबंदी
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ मामले में आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।
हादसे में 19 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद बोबाजार के कुछ हिस्सों में 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है।
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। गिरफ्तार लोगों में पूजा समिति के पदाधिकारी, पंडाल निर्माण और भीड़ नियंत्रण से जुड़े लोग तथा निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी शामिल हैं।
हादसे के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बोबाजार इलाके के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। जांच में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक की पड़ताल की जा रही है।
हादसे के बाद आयोजकों और सुरक्षा से जुड़े लोगों पर कार्रवाई
पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पंडाल के बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े व्यक्ति, भीड़ नियंत्रित करने वाले कर्मचारी और निजी सुरक्षा एजेंसी के प्रभारी भी शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंडाल में भीड़ को संभालने और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
इससे पहले पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए 14 लोगों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या और गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या अलग-अलग है। पुलिस की जांच का मकसद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों और संभावित लापरवाही की पहचान करना है।
बोबाजार में 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा
भगदड़ के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बोबाजार थाने के अंतर्गत आने वाले कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। यह आदेश 18 से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत संबंधित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के गैरकानूनी जमावड़े, लाठी या अन्य खतरनाक हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
भारी बारिश और भीड़ के दबाव की भी जांच
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम भारी बारिश के बीच भीड़ बढ़ने के बाद भगदड़ मची थी। शुरुआती रिपोर्टों में भीड़ के दबाव और पंडाल में की गई घोषणा को घटना से जुड़ी संभावित वजहों के तौर पर बताया गया है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किस स्तर पर चूक हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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