बंगाल: जादवपुर में ममता गुट के TMC दफ्तर में तोड़फोड़, बीजेपी पर आरोप, जांच में जुटी पुलिस

कोलकाता के जादवपुर में ममता गुट के तृणमूल कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद पार्टी नेताओं ने बीजेपी के संरक्षण में काम करने वाले उपद्रवियों पर हमला कराने का आरोप लगाया है।

फोटो: IANS
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  • कोलकाता के जादवपुर में ममता गुट के तृणमूल कार्यालय में रविवार रात तोड़फोड़ हुई।

  • पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी समर्थित लोगों पर हमले का आरोप लगाया, बीजेपी ने इससे इनकार किया।

  • पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए हमले में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।

  • इससे पहले जादवपुर में टीएमसी और सीपीआई(एम) से जुड़े दफ्तरों और पूर्व विधायक के घर पर भी हमले के आरोप लगे थे।

कोलकाता के दक्षिणी हिस्से के जादवपुर इलाके में ममता गुट के तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय में रविवार रात कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। बदमाशों ने कार्यालय का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर रखे फर्नीचर समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

सोफा पलटा मिला, पार्टी का झंडा फटा

ममता गुट के तृणमूल कार्यकर्ताओं के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वे विद्यासागर कॉलोनी नंबर 4 स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे तो अंदर का सामान बिखरा हुआ था। उनका कहना है कि सोफा सेट पलटा हुआ था और दीवार पर लगा पार्टी का झंडा फटा हुआ जमीन पर पड़ा था।

कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि कार्यालय में रखा पानी का जग टूटा हुआ था। इसके अलावा एक अलमारी को खंगालने और उसमें तोड़फोड़ करने की कोशिश किए जाने के निशान भी मिले। घटना के संबंध में नेताजी नगर पुलिस स्टेशन को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी गई है।


ममता गुट का बीजेपी पर आरोप, बीजेपी ने नकारा

ममता गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी बीजेपी के संरक्षण में काम करने वाले उपद्रवियों ने पार्टी कार्यालय पर हमले की साजिश रची। एक स्थानीय ममता तृणमूल कार्यकर्ता ने कहा कि उनके पार्टी कार्यालय में बीजेपी समर्थित उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।

हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि यह घटना तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी गुटों के विवाद का नतीजा हो सकती है। वहीं, ममता गुट की ओर से जारी वीडियो फुटेज में किसी राजनीतिक पार्टी का झंडा स्पष्ट तौर पर दिखाई नहीं देता और उसमें किसी खास व्यक्ति की पहचान भी नहीं हो सकी है।

पहले भी जादवपुर में हुए थे हमले

यह घटना उस घटना के एक दिन बाद हुई है, जिसमें जादवपुर इलाके में पूर्व तृणमूल विधायक देबब्रत मजूमदार के घर और पार्टी कार्यालय पर हमले का आरोप लगा था। शनिवार रात उपद्रवियों के एक समूह पर जादवपुर में सीपीआई(एम) के कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगा था।

पुलिस ने रविवार सुबह बताया था कि मोटरसाइकिल सवार उपद्रवियों के एक गिरोह ने कोलकाता नगर निगम के कम से कम छह वार्डों में पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। हमलावरों ने कथित तौर पर पार्टी के झंडे नीचे गिराकर जमीन पर फेंक दिए। वार्ड 96 से लंबे समय तक पार्षद और पूर्व विधायक रहे देबब्रत मजूमदार के घर और कार्यालय पर भी कथित तौर पर हमला किया गया था।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि जादवपुर में हुई ताजा तोड़फोड़ की घटना का पहले हुए हमलों से कोई संबंध है या नहीं। अभी तक पहले और ताजा हमलों में शामिल लोगों की पहचान और उनके किसी गुट से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए हैं और ताजा मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।