लखीमपुर हिंसा: अभी भी आरोपी गिरफ्त से दूर, कांग्रेस बोली- क्या लोकतंत्र में गरीब की जान की कोई कीमत नहीं?

लखीमपुर घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार ने कहा कि क्या उस आजाद भारत में, जिसकी आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया, उस देश के नेताओं को दु:ख के समय अपनी सहानुभूति प्रकट करने का अधिकार नहीं?

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

लखीमपुर घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार ने प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। अश्वनी कुमार ने कहा, क्या भारत के लोकतंत्र में गरीब की जान की कोई कीमत है कि नहीं? क्या उस आजाद भारत में, जिसकी आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया, उस देश के नेताओं को दु:ख के समय अपनी सहानुभूति प्रकट करने का अधिकार नहीं? क्या कसूर था..प्रियंका गांधी जो सबसे पहले लखीमपुर खीरी पहुंच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिये रवाना हुईं, उन्हें इस तरह दो दिन तक हिरासत में रखा गया और अब गिरफ्तार कर लिया गया?

कांग्रेस नेता ने कहा, केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया? समाचार-पत्रों ने लिखा कि किसानों पर भी गोली चली लेकिन सरकार ने इस पूरे मामले में कुछ नहीं किया।

जो सहानुभूति प्रकट करने गए, वो तो वहां रोक लिए गए और जिन्होंने किसानों को रौंद दिया, इसके लिए कहा जा रहा है वो तो वहां थे ही नहीं।

वहीं किसानों के मसले पर अश्वनी कुमार ने कहा, किसानों के साथ अब तक कोई समझौता नहीं हुआ, केंद्र सरकार ये तीनों कानून वापस ले तभी समझौता होगा।


गौरतलब है कि लखीमपुर मामले में मंगलवार को उत्तरप्रदेश पुलिस ने प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर लिया। उनके लिए सीतापुर के पीएसी गेस्ट हाउस में अस्थाई जेल बना दी गई है। प्रियंका गांधी के साथ हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ पुलिस ने धारा 151, 107, 116 के तहत केस दर्ज किया है।

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