बीमार लालू यादव ने शायराना अंदाज में भरी हुंकार, कहा- ‘मैं जिस जगह पे खड़ा हूं किसी दलील से हूं’

चारा घोटाला में सजायाफ्ता और रांची के एक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती लालू प्रसाद यादव ने शनिवार केशायराना अंदाज में एक ट्वीट किया है। उन्होंने उर्दू के शेर ट्वीट कर अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता पर डटे रहने का एक बार फिर संदेश दिया है।

नवजीवन डेस्क

आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को उर्दू के एक शेर के जरिये अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता पर डटे रहने का संदेश दिया है। लालू यादव ने अपने ट्वीट पर लिखा है, “मैं इंकलाब पसंदों की एक क़बील से हूं, जो हक़ पे डट गया उस लश्कर ए क़लील से हूं। मैं यूं ही दस्त ओ गरीबां नहीं ज़माने से, मैं जिस जगह पे खड़ा हूं किसी दलील से हूं।”

लालू यादव ने एक पत्रिका में छपे लेख को रिट्वीट करते हुए ये शेर लिखे हैं। लालू यादव के इस अंदाज का साफ अर्थ है कि लालू यादव आज भले ही कमजोर दिख रहे हों, लेकिन ये भी सच है कि वह हमेशा से वापसी करने के लिए जाने जाते रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2019 में बिहार के साथ ही केंद्र में भी लालू किंगमेकर की भूमिका में हो सकते हैं।

बता दें कि चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके इलाज के लिए वह रांची के रिम्स में भर्ती हैं। बीमारियों की वजह से बीते दिनों उनके स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है। उनके परिवार के लोग उनकी बीमारी के इलाज के लिए लगातार जमानत के लिए प्रयास कर रहे हैं। लेकिन दो दिन पहले झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिका पर सुनवाई के दौरान उनकी तरफ से बीमारी का हवाला देकर जमानत देने की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे ठुकरा दिया। फैसले से मायूस आरजेडी नेताओं का कहना है कि जमानत के लिए ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी।

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