कश्मीर में आतंकी हमले में मारे गए बैंक मैनेजर का पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार, विजय टारगेट किलिंग का हुए थे शिकार

कश्मीर में आतंकवादी हमले में मारे गए राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के निवासी विजय बेनीवाल का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भगवान में अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार सुबह शव कश्मीर से गांव पहुंचा।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

कश्मीर में आतंकवादी हमले में मारे गए राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के निवासी विजय बेनीवाल का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भगवान में अंतिम संस्कार किया गया। शुक्रवार सुबह शव कश्मीर से गांव पहुंचा। बेनीवाल का अंतिम संस्कार गांव के श्मशान घाट में हुआ और इसमें सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।

सुबह करीब सात बजे बेनीवाल की पत्नी पति का शव लेकर भगवान गांव पहुंची। बेटे का शव देख उनके पिता बेहोश हो गए। कुछ देर बाद ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। विजय ने जुलाई में गांव आने का वादा किया था। शादी के बाद वह गांव नहीं लौटे थे। वह अपना कैडर बदलना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने एक परीक्षा भी दी थी।


बैंक मैनेजर बेनीवाल की शादी करीब तीन महीने पहले ही हुई थी और वह अपनी पत्नी को अपने साथ कश्मीर ले गए थे। बेनीवाल के पिता ने कहा, "मेरा बेटा परीक्षा की तैयारी कर रहा था, ताकि उसे कहीं और शाखा प्रबंधक की नौकरी मिल जाए। हम चाहते थे कि वह राजस्थान वापस आ जाए।"

अधिकारियों ने बताया कि गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हमले के सीसीटीवी फुटेज में एक आतंकवादी को बैंक में घुसते और विजय बेनीवाल पर फायरिंग करते हुए देखा जा सकता है।

बेनीवाल कुलगाम जिले के अरेह मोहनपोरा स्थित एलाक्वाई देहाती बैंक (ईडीबी) में प्रबंधक के पद पर तैनात थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को नृशंस हत्या की कड़ी आलोचना की और केंद्र सरकार से कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।


उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, "जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में कार्यरत राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी विजय कुमार की आतंकवादियों द्वारा हत्या अत्यंत निंदनीय है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को साहस प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।"

केंद्र सरकार को अपने रडार पर लेते हुए गहलोत ने कहा, "एनडीए सरकार कश्मीर में शांति बहाल करने में विफल रही है। केंद्र सरकार को कश्मीर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। आतंकवादियों द्वारा हमारे नागरिकों की इस तरह की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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