'जिंदा भूतों' का प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरी युवा कांग्रेस, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि "जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हों, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफ़ा देना होगा।"

काले कपड़े, सफेद मास्क और गले से लटकती नकली खोपड़ियां....चुनाव आयोग के खिलाफ 2 अक्टूबर शुक्रवार को दिल्ली में युवा कांग्रेस ने कुछ इस तरह विरोध प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त को यह बताने की कोशिश की कि बहुत से जिंदा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से मृत बताकर काट दिए गए हैं।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड स्थित अपने कार्यालय से जंतर-मंतर की तरफ मार्च करने का भी प्रयास किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उनके दफ्तर के बाहर ही रोकने की कोशिश की।
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने खुद को जिंदा भूत बताते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मास्क भी पहने थे और वोटर लिस्ट से भारी संख्या में लोगों के नाम काटे जाने का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन के दौरान उदय भानु चिब ने कहा कि, “हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि चुनाव आयोग हर वोट की पवित्रता की रक्षा के लिए ज़िम्मेदार है। जब चुनाव आयोग के भीतर ही वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो देश को जवाब और जवाबदेही मिलनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हों, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने पद से इस्तीफ़ा देना होगा।" चिब ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, न कि किसी सरकार या राजनीतिक दल की निजी संस्था; उन्होंने इसकी विश्वसनीयता और निष्पक्षता की रक्षा करने की बात कही। उन्होंने कहा, "जब चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हों, तो युवा चुप नहीं रह सकते।"
युवा कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन के तहत चुनाव आयोग के दफ़्तर का घेराव करने की योजना का ऐलान किया था। रास्ते में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए थे, बैरिकेड लगाए गए थे और रायसीना रोड पर युवा कांग्रेस दफ़्तर के पास लोगों को हिरासत में लेने के लिए बसें खड़ी की गई थीं। युवा कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर बढ़ने की कोशिश करने पर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकरा, हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष निशित कटारिया, राष्ट्रीय महासचिव हरि कृष्ण, खुशबू शर्मा और मितेंद्र दर्शन सिंह, और राष्ट्रीय सचिव सत्यवान गहलोत, परमिंदर सिंह पम्मी और हेवरन कसाना समेत कई लोग शामिल हुए।
एक एक्स पोस्ट मे युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से जीवित वोटरों के नाम हटाने के लिए कुमार ज़िम्मेदार थे और दावा किया कि यह काम बीजेपी के कहने पर किया जा रहा था। उन्होंने कुमार की गिरफ़्तारी की मांग की और उन पर "वोट चोरी" के सिस्टम का हिस्सा होने का आरोप लगाया।
कांग्रेस की युवा इकाई ने कहा कि वह चुनावी प्रक्रिया में ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और जन-जागरूकता अभियान जारी रखेगा।
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