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आईसीआईसीआई लोन विवाद: चंदा कोचर, उनके पति और वेणुगोपाल धूत के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

सीबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। वीडियोकॉन लोन मामले में यह कार्रवाई की गई है। वो बिना बताए विदेश नहीं जा पाएंगी।

फोटो: सोशल मीडिया 

नवजीवन डेस्क

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के मैनेजिंग डायरेक्टर वेणुगोपाल धूत के खिलाफ सीबीआई ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद अब चंदा कोचर समेत तीनों लोग देश को छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे।

खबरों के मुताबिक, सीबीआई ने पिछले साल ही दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत के खिलाफ शुरूआती जांच के बाद लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। अब इन दोनों के खिलाफ लुक आउट नोटिस को रिवाइव किया गया है। लेकिन अब सीबीआई की एफआईआर में चंदा कोचर का नाम भी शामिल कर लिया गया है, इसलिए लुक आउट नोटिस में भी चंदा कोचर का नाम शामिल किया गया है।

इससे पहले सीबीआई ने चंदा कोचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और महाराष्ट्र के 4 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई के छापे मुंबई और औरंगाबाद के कुछ ठिकानों पर पड़े थे, जिसमें औरंगाबाद स्थित वीडियोकॉन का ऑफिस भी शामिल था।

बता दें कि 4 अक्टूबर 2018 को चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक के सीएमडी पद से इस्तीफा दे दिया था। बैंक के बोर्ड ने समय से पूर्व पद छोड़ने की उनकी मांग को स्वीकार करते हुए उनकी जगह संदीप बख्शी को मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्युटिव ऑफिसर नियुक्त किया था।

चलिए बताते हैं कि क्या है पूरा मामला। पूरा मामला तब विवादों में आया जब आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन के शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और आईसीआईसीआई की सीईओ और एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था। उन्होंने इन दोनों के खिलाफ पीएम, आरबीआई और सेबी को एक खत लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वेणुगोपाल धूत की कंपनी वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपये का लोन दिया गया और इसके बदले वेणुगोपाल धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी ‘नूपावर’ में अपना पैसा निवेश किया था। साथ ही यह भी आरोप है कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर समेत उनके परिवार के सदस्यों को कर्ज पाने वालों की तरफ से वित्तीय फायदे पहुंचाए गए। इस मामले का खुलासा होने के बाद चंदा कोचर को बैंक से इस्तीफा देना पड़ा था। जिसके बाद अब जांच एजेंसी ने एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश जारी कर दी है।

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