मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, 42,000 टन LPG लेकर गुजरात पहुंचा टैंकर 'जग वसंत'
कांडला पोर्ट पर ‘जग वसंत’ टैंकर के जरिए 42 हजार टन LPG पहुंची है, जिससे होर्मुज के तनाव के बीच भारत में गैस सप्लाई मजबूत होने की उम्मीद है।

वैश्विक ऊर्जा अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ‘जग वसंत’ नाम का LPG टैंकर कांडला पोर्ट पहुंच चुका है, जो होर्मुज के रास्ते गुजरात तक आया है। इस जहाज में 42 हजार मीट्रिक टन से अधिक LPG गैस लाई गई है, जिससे देश में गैस सप्लाई मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिड-सी ट्रांसफर से तेज होगी सप्लाई
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर के जरिए उतारा जाएगा। इसका मतलब है कि समुद्र में ही जहाज से गैस को दूसरे सिस्टम या पोर्ट सुविधाओं तक पहुंचा दिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी और सप्लाई प्रक्रिया तेज हो सकेगी। इससे देश में LPG की उपलब्धता को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।
होर्मुज तनाव के बावजूद भारत तक पहुंचे टैंकर
यह खेप ऐसे समय आई है जब ईरान-अमेरिका तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद भारत को विशेष अनुमति मिलने से कई अहम टैंकर सुरक्षित पहुंच सके हैं।
MT शिवालिक (LPG) 16 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जबकि MT नंदा देवी (LPG) 17 मार्च को कांडला पहुंचा। इसके अलावा 81,000 टन कच्चा तेल लेकर ‘जग लाडकी’ 18 मार्च को मुंद्रा पहुंचा, जबकि लाइबेरिया फ्लैग वाला ‘Shenlong’ सऊदी क्रूड लेकर 11 मार्च के आसपास मुंबई पहुंचा था।
ऊर्जा सप्लाई पर नजर, जंग के बीच रणनीतिक संतुलन
कांडला पोर्ट देश के प्रमुख ऊर्जा आयात केंद्रों में से एक है, जहां से LPG पूरे देश में भेजी जाती है। इस नई खेप से घरेलू गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इधर, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का 29वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि फिलहाल अगले दस दिनों तक ईरान के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया जाएगा, जिससे सप्लाई को लेकर कुछ राहत की उम्मीद बनी है।
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