मध्य प्रदेशः कमलनाथ के गढ़ में अमित शाह पहुंचे थे ‘कमल’ खिलाने, खाली कुर्सियां देख मिनटों में खिसके

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को उन्हीं के गढ़ में घेरने की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की कोशिश उन्हीं को भारी पड़ गई। शुक्रवार को छिंदवाड़ा पहुंचे शाह की चुनावी सभा में ज्यादातर कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन रह गए हैं। राज्य के चुनावी बिसात पर दिग्गजों को उनके ही गढ़ में घेरने की जमकर कोशिश हो रही है। इसी कोशिश के तहत शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ को उनके ही गढ़ में चुनौती देने पहुंचे। छिंदवाड़ा के पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा के लिए अमित शाह पहुंचे तो जरूर, लेकिन उन्हें सुनने के लिए लोग ही नहीं पहुंचे। चुनावी सभा में खाली कुर्सियों और श्रोताओं के ठंडे जोश के बीच शाह ने कमलनाथ को जमकर निशाने पर लेने की भरपूर कोशिश की, लेकिन रैली का रंग फीका ही रहा। सभा में भीड़ की कमी, खाली पड़ी कुर्सियों और लोगों की शांत प्रतिक्रिया को देखकर शाह को बी महज 20-25 मिनट में ही अपना भाषण खत्म करना पड़ा।

शुक्रवार को छिंदवाड़ा के पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा के लिए पहुंचे अमित शाह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ क भरसक निशाने पर लेने की कोशिश की, लेकिन भीड़ की भारी कमी और श्रोताओं की ठंडी प्रतिक्रिया से चुनावी सभा के साथ ही उनका चेहरा भी उतरा-उतरा नजर आया। आमतौर पर काफी जोश में चीख-चीखकर भाषण देने वाले शाह का उत्साह भी छिंदवाड़ा में जवाब दे गया। हालत ये हो गई पार्टी अध्यक्ष की सभा में दिख रही खाली कुर्सियों को बीच में ही हटाना पड़ा। हालांकि, तब तक सभा की खाली कुर्सियां मीडिया के कैमरे में कैद हो चुकी थीं।

बता दें कि मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा इलाका प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का गढ़ माना जाता है। कमलनाथ 1980 से यहां से सांसद का चुनाव जीतते आ रहे हैं। अब तक सिर्फ एक बार 1997 में हुए उपचुनाव में यहां से उनकी हार हुई है। 2014 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश के साथ ही प्रदेश में भी मोदी लहर के सामने कमलनाथ का गढ़ नहीं हिला था। कांग्रेस मध्य प्रदेश में सिर्फ दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी, उनमें से एक कमलनात की छिंदवाड़ा सीट थी।

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Published: 24 Nov 2018, 5:04 PM