मध्य प्रदेश: बजट सत्र से पहले सियासी संग्राम, जीतू पटवारी की CM मोहन यादव को चिट्ठी, 3 मंत्रियों की बर्खास्तगी की मांग
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर तीन मंत्रियों विजय शाह, राजेंद्र शुक्ल और कैलाश विजयवर्गीय को बर्खास्त करने की मांग की है।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव को चिट्ठी लिखकर तीन मंत्रियों की बजट सत्र में उपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। साथ ही तीनों मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को पत्र में लिखा, ''मध्य प्रदेश एक लोकतांत्रिक रूप से संचालित राज्य है, जहां शासन की प्रत्येक इकाई से यह अपेक्षा की जाती है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों, नैतिकता एवं संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार के कार्यकलाप जनभावनाओं के विपरीत प्रतीत हो रहे हैं, जिससे अराजकता, अहंकार और अधिनायकवादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिल रहा है।''
आगामी बजट सत्र की चर्चा करते हुए जीतू पटवारी ने लिखा कि राज्य का बजट सत्र 16 फरवरी से आरंभ हो रहा है, जिसमें राज्यपाल का अभिभाषण भी प्रस्तावित है। इस अभिभाषण में वास्तविकता से अधिक आंकड़ों का आडंबर प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, जिससे आपकी सरकार आंखें मूंदती हुई दिखाई दे रही है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आगे कहा है कि सरकार के बजट सत्र में ऐसे मंत्री उपस्थित रहेंगे, जिनकी मंत्रिमंडल में उपस्थिति अब उपयोगिता से जुड़े उत्तर मांग रही है। इनमें देश की बेटी एवं भारतीय सेना के अपमान के गंभीर आरोप से घिरे मंत्री विजय शाह, छिंदवाड़ा में जहरीली सिरप से दर्जनों मासूम बच्चों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल और अपने क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध कराने में असफल रहे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल हैं।
यह दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि सेना के अपमान, मासूमों की मौत और प्रशासनिक विफलताओं के बावजूद ऐसे मंत्री आज भी पद पर बने हुए हैं। इससे सरकार की नैतिकता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
जीतू पटवारी ने कहा कि यह आपके नैतिक प्रतिबद्धता, उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा है। उम्मीद की जाती है कि बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर जनभावनाओं का सम्मान करें। ऐसा न होने पर संदेश जाएगा कि राज्य सरकार झूठ, अनैतिकता तथा देश की बेटियों और भारतीय सेना के अपमान का मौन समर्थन करती है।
आईएएनएस के इनपुट के साथ
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