मध्य प्रदेश के ट्रक ऑपरेटर बीजेपी सरकार के आश्वासन से संतुष्ट नहीं, बेमियादी हड़ताल की तैयारी

परिवहन मंत्री के साथ वार्ता में ट्रक ऑपरेटरों ने डीजल पर लगने वाले वैट को कम करने, परिवहन चौकी पर वसूली बंद कराने और वाहन कर किस्त में चुकाने की सहूलियत देने की मांग की। उनकी मांग पर परिवहन मंत्री ने सीएम शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करने का आश्वासन दिया।

फोटोः सोशल मीडिया
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आईएएनएस

मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग की चौकियों पर जारी भ्रष्टाचार और डीजल के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ तीन से हड़ताल कर रहे राज्य के ट्रक ऑपरेटर और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बीच आज हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन से ट्रक-बस ऑपरेटर संतुष्ट नहीं हैं। वे अब अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कह रहे हैं।

राज्य के ट्रक ऑपरेटर बीते तीन दिनों से हड़ताल पर हैं, जिनको आज परिवहन मंत्री राजपूत ने बातचीत के लिए सागर बुलाया। अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रक ऑपरेटर और मंत्री के बीच बातचीत हुई। ट्रक ऑपरेटरों ने डीजल पर लगने वाले वैट को कम करने, परिवहन चौकी पर वसूली बंद कराने और वाहन कर किस्तों में चुकाने की सहूलियत देने की मांग उठाई।

ट्रक ऑपरेटरों की मांग पर परिवहन मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मसले पर वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा से चर्चा करेंगे। परिवहन मंत्री ने बताया कि बसों और ट्रकों के संचालन और समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से चर्चा करके सभी के हित में निर्णय लिया जाएगा। तीन-चार दिन में भोपाल जाकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और जो उचित मांगे होंगी, उन पर निर्णय लेंगे। सरकार कर को आजीवन किस्तों में भरने की सुविधा देने का वादा पहले ही कर चुकी है।

परिवहन मंत्री ने कहा कि बस और ट्रक ऑपरेटरों ने अपनी मांगें रखी हैं। ट्रक मालिकों ने डीजल पर वैट कम करने और लॉकडाउन अवधि का कर माफ करने की मांग रखी। वैट वाणिज्यकर मंत्री तय करेंगे। उन्होंने कहा कि नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के समय लिए जाने वाले कर को किस्तों में लेने की बात सामने आई है। चूंकि लॉकडाउन में बसें नहीं चली हैं, इसलिए बस मालिकों ने इस अवधि के कर की माफी की बात कही है। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री से चर्चा कर तय किया जाएगा। साथ ही परिवहन चेक पोस्ट पर बस-ट्रक वालों को परेशान किए जाने की शिकायतों की जांच होगी।

वहीं बातचीत में शामिल बस मालिक ऑपरेटर संघ के जयकुमार जैन का कहना है कि लॉकडाउन में सरकार के आदेश पर ही बसें नहीं चलीं। लंबा समय खिंच गया। इसलिए इस अवधि के कर को माफ किया जाना चाहिए। सरकारी आश्वासन से नाखुश ट्रक ऑपरेटर अब अपनी अगली रणनीति पर विचार कर रहे हैं। ज्यादातर ट्रक-बस मालिकों की राय बेमियादी हड़ताल पर जाने की है। इस संबंध में ट्रक ऑपरेटर जल्द ही ऐलान कर देंगे।

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