महाकुंभ भगदड़: लापता श्रद्धालुओं के लिए कमेटी गठन को हाई कोर्ट में याचिका, न्यायिक निगरानी समिति बनाने की मांग

महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में लापता लोगों का विवरण एकत्र करने के लिए न्यायिक निगरानी समिति गठित करने की मांग में इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुरेश चंद्र पांडेय ने जनहित याचिका दाखिल की है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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महाकुंभ में 29 जनवरी को हुई भगदड़ के दौरान लापता हुए लोगों का विवरण एकत्रित करने के लिए एक न्यायिक निगरानी समिति (जेएमसी) का गठन किए जाने का अनुरोध करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका प्रयागराज जिले के सुरेश चंद्र पांडेय नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर की गई है, जिस पर जल्द ही सुनवाई किए जाने की संभावना है।

जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने उन खबरों का संदर्भ दिया है जिसमें कहा गया था कि भगदड़ में मारे गए लोगों के शव दयनीय स्थिति में रखे गए हैं। साथ ही, शवों को कथित तौर पर जमीन पर बोरी में लपेटकर रखा गया है और रेफ्रिजरेशन की व्यवस्था नहीं होने से शव सड़ गल रहे हैं।


उच्चतम न्यायालय ने तीन फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जनहित याचिका पर सुनवाई करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि याचिकाकर्ता इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख करे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जनवरी को हुई भगदड़ की घटना की जांच के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया है।

आयोग ने इस घटना के संबंध में लोगों से सूचना उपलब्ध कराने को कहा है।

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