पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों पर चुप क्यों हैं बिग बी और अक्षय कुमार : महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष का सवाल

पेट्रोल-डीज़ल के बेतहाशा बढ़ते दामों, किसान आंदोलन और अन्य जरूरी मुद्दों पर अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे फिल्मी सितारों की चुप्पी पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि क्या इन फिल्म कलाकारों को बीजेपी से डर लगता है।

फोटो : आईएएनएस
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र कांग्रेस ने महानायक अमिताभ बच्चन और खिलाड़ी कुमार अभिनेता अक्षय कुमार की पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों पर चुप्पी पर सवाल उठाया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा है कि यूपीए सरकार में तो यह लोग खूब बोलते थे, अब जबकि पेट्रोल 100 पार कर चुका है तो चुप क्यों हैं?

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि, "मोदी सरकार ने पेट्रोल की कीमतों को बढ़ाकर 100 रुपये तक पहुंचा दिया है, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत भी 800 रुपये तक जा पहुंची है। बेतहाशा बढ़ रही महंगाई ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है। उधर, देश के किसान तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर लगभग तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कार्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार अपनी जिद पर अड़ी है।"

महाराष्ट्र कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना इजाफा हो रहा है। इस वजह से विपक्षी पार्टियां विरोध प्रदर्शन करते हुए पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने की मांग कर रही हैं। अब पेट्रोल की कीमतों और आम लोगों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बॉलीवुड हस्तियों से भी सवाल पूछा है।

नाटा पटोले ने कहा कि इन गंभीर संकटों के बीच अमिताभ बच्चन और अक्षय सहित कई हस्तियां, जिन्होंने विभिन्न मुद्दों पर पहले यानी कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी, वे इस समय बिल्कुल चुप हैं।

उन्होंने कहा, "यूपीए सरकार के दौरान रही ईंधन की दरों की तुलना में, बीजेपी शासन के सात वर्षो में ईंधन की कीमतें अब लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। उस समय इन सभी हस्तियों ने सरकार के खिलाफ बात की थी, लेकिन अब वे बीजेपी से डरकर चुप्पी साधे हुए हैं।"


प्रदेश कांग्रेस प्रमुख किसान संगठनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए चार घंटे लंबे देशव्यापी रेल-रोको आंदोलन के समर्थन में भंडारा में एक बैलगाड़ी-सह-ट्रैक्टर रैली में बोल रहे थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अब ये हस्तियां महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों और किसानों पर हो रहे अत्याचार पर कोई बात नहीं कर रहे हैं। ऐसा क्यों?

पटोले ने कहा, "यूपीए सरकार एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रशासन थी, यही कारण है कि अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और कई अन्य सेलेब्स इसके खिलाफ बिना डर के अपनी आवाज उठा रहे थे। आज, जब उनसे वही बात दोहराने की उम्मीद की जाती है, तो वे चुप्पी साधे हुए हैं और भाजपा की कठपुतली बन गए हैं।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "ये भारतीय सेलेब्स तब भी शांत रहे, जब बीजेपी और इसके आईटी सेल ने किसानों के विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी, नक्सलवादी आदि के रूप में चिह्न्ति किया, बल्कि बीजेपी और उसके आईटी सेल के इशारे पर उन्होंने किसान विरोधी ट्वीट का सहारा लिया। क्या सेलेब्स बीजेपी आईटी सेल के 'तोते' बन गए हैं?"

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