कृषि कानूनों के खिलाफ महाराष्ट्र कांग्रेस ने घेरा राजभवन, हजारों किसानों के साथ किया प्रदर्शन

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने बीजेपी सरकार पर आम जनता और देश के किसानों के प्रति घोर असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हित में काम करने वाले पीएम मोदी अब किसानों को भी गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

फोटोः @INCMaharashtra
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार के विवादित तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को महाराष्ट्र कांग्रेस ने नागपुर में सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ हजारों किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व किया और राजभवन की घेराबंदी की। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद महिला कार्यकर्ताओं ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में सड़कों पर स्टोव जलाया और भोजन पकाकर विरोध जताया। मुंबई में पेट्रोल की कीमतें 91 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिसका कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।

इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य के राजस्व मंत्री बाला साहेब थोराट ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आम जनता और देश के किसानों के प्रति घोर असंवेदनशीलता दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा, "केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हितों में काम करने वाले पीएम मोदी अब किसानों को भी गुलाम बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम इसकी अनुमति नहीं देंगे और तीनों काले कृषि कानून महाराष्ट्र में लागू नहीं किए जाएंगे। हम इन कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हैं।"

थोराट ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सभी संसदीय और लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन करके इन कृषि कानूनों को लागू किया गया है और ये किसानों और आम जनता के लिए बेहद हानिकारक साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आम नागरिकों को एक कष्टदायक समय का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, जो अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में महंगाई (मुद्रास्फीति) बढ़ाती है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ठंड के मौसम में पिछले 50 दिनों से लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनमें से 60 से अधिक किसानों ने अपनी जान भी गंवा दी है, लेकिन केंद्र सरकार उनकी दुर्दशा के प्रति पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों से किसानों को कोई लाभ नहीं पहुंचने वाला है और सरकार केवल बड़े कॉर्पोरेट्स के हितों को देख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन और तेज कर देगी।

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