महाराष्ट्र: ठाणे क्रेन दुर्घटना में मृतकों की संख्या 17 पहुंची, अभी भी गर्डर के नीचे फंसे हैं लोग!

महाराष्ट्र के ठाणे में क्रेन दुर्घटना त्रासदी में मरने वालों की संख्या 17 हो गई है। दो और शव बरामद किए गए हैं। कुछ और के अभी भी गर्डर के नीचे फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी।

फोटो: IANS
फोटो: IANS
user

नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र के ठाणे में क्रेन दुर्घटना त्रासदी में मरने वालों की संख्या 17 हो गई है। दो और शव बरामद किए गए हैं। कुछ और के अभी भी गर्डर के नीचे फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। एक दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र पहुंचे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौतों पर शोक व्यक्त किया है और पीड़ितों के परिवारों को सांत्वना दी।

मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और दुर्घटना में घायल लोगों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जो मोदी की यात्रा के लिए पुणे में हैं, ने अपने गृह जिले ठाणे में हुई त्रासदी की जानकारी देने के लिए अपने मंत्रियों और अधिकारियों को बुलाया।


शिंदे ने हर मृतक के परिवार को 5-5 लाख रुपये के मुआवजे और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की, साथ ही बचाव और राहत कार्य की निगरानी के लिए मंत्री दादाजी भुसे को शाहपुर में घटनास्थल पर तैनात किया। उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने इस आपदा की जांच के आदेश दिए हैं।

ठाणे क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन इकाई और एनडीआरएफ के अनुसार, घटना बीती रात करीब 1 बजे हुई जब विशाल गैन्ट्री-क्रेन गर्डर पर गिर गई, जिसमें मजदूर फंस गए। उस समय, मजदूरों का एक समूह 55,000 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 701 किलोमीटर लंबे मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग के तीसरे और अंतिम चरण के एक खंड पर काम कर रहा था।


अधिकारियों ने संकेत दिया कि दुर्घटना का कारण साफ नहीं हो पाया है और ऐसी आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। दुर्घटना स्थल सरगांव और सरम्बेगांव के बीच स्थित है, और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य स्थानीय एजेंसियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


;