महाराष्ट्र: शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, मंत्री के काफिले का रास्ता रोका
किसानों के अनुसार, झिरवाल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी, लेकिन अब तक ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है।

महाराष्ट्र के हिंगोली शहर में बृहस्पतिवार को महिलाओं सहित सैकड़ों किसानों ने प्रस्तावित शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन स्थल शहीद स्मारक पार्क के समीप था, जहां हिंगोली के प्रभारी मंत्री नरहरि झिरवाल को मराठवाड़ा मुक्ति दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण समारोह में शामिल होना था।
किसान कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाली सड़क पर डटे रहे और उन्होंने मंत्री के काफिले का रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए झिरवाल से मुलाकात की मांग की।
पुलिस द्वारा सड़क खाली कराने का प्रयास करने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली झड़प भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को हटा दिया।
किसानों के अनुसार, झिरवाल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उनकी बैठक कराई जाएगी, लेकिन अब तक ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है।
नागपुर-गोवा शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे एक प्रस्तावित हरितक्षेत्र परियोजना है, जिसकी लंबाई करीब 802 से 810 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 86,300 करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसान विरोध कर रहे हैं।
मराठवाड़ा मुक्ति दिवस प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 1948 में हैदराबाद के निजाम के शासन से मराठवाड़ा क्षेत्र मुक्त हुआ था और यह स्वतंत्र भारत का हिस्सा बना था। हिंगोली भी मराठवाड़ा क्षेत्र में शामिल है।
