मंत्री पर इंक अटैक के बाद सचेत महाराष्ट्र सरकार, विधानसभा परिसर में स्याही वाला पेन लाने पर लगाई पाबंदी

शिंदे सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर पिछले दिनों हुए इंक अटैक के बाद से बीजेपी-शिंदे सरकार सचेत हो गई है। इसी क्रम में महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में स्याही वाला पेन लाने पर पाबंदी लगा दी गई है।

फाइल फोटो
i
user

नवजीवन डेस्क

google_preferred_badge

महाराष्ट्र के एक मंत्री पर स्याही हमले के कुछ दिनों बाद राज्य विधानमंडल ने अतिरिक्त सुरक्षा सावधानियों को लागू किया है। जिसके तहत राज्य विधानसभा परिसर में स्याही वाले पेन रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार को पहले दिन विधानसभा में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के पेन की जांच की गई। कम से कम 3 विधायकों ने बताया कि शीतकालीन सत्र के लिए विधानसभा में प्रवेश कर रहे विधायकों और विधान पार्षदों के पास स्याही का पेन नहीं था। वहां जाने वाले सभी लोगों की जांच की गई और स्याही वाले पेन के साथ प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

भारतीय जनता पार्टी के नेता चंद्रकांत पाटिल ने हाल ही के दिनों में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की निंदा की थी, इसलिए उनपर स्याही हमला किया गया था। इस घटना के कारण कई पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया और यहां तक कि एक स्थानीय पत्रकार को भी उनके कवरेज के लिए पकड़ा गया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया।

चंद्रकांत पाटिल ने दावा किया कि अगर स्याही उनकी आंखों में चली जाती तो उन्हें कैंसर हो सकता था। वहीं विपक्ष ने उनकी इस बात को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने 'मानसिक संतुलन खो दिया है' इस तरह की स्याही फेंके जानें से किसी की मौत नहीं हुई है।

गौरतलब है कि 10 दिसंबर की घटना के बाद पाटिल पिछले हफ्ते स्याही हमले धमकियां मिलने के बाद एक अन्य समारोह में हेलमेट पहने हुए और कड़ी सुरक्षा कवच के बीच देखे गए थे।

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia