महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण को लेकर जारी आंदोलन में फिर से हिंसा, पुणे-नासिक हाईवे पर बसों में तोड़फोड़ और आगजनी

मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन की आग अब पुणे पहुंच चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को पुणे में 6 बसें फूंक दीं। पुणे में मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और सड़कों को जाम कर दिया। पुणे-नासिक भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

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मराठा आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की शांति की अपील को नकारते हुए आंदोलनकारियों ने सोमवार को सोलापुर, नंदूरबार और पुणे में आंदोलन जारी रखा। आंदोलनकारियों ने पुणे-नासिक मार्ग पर 6 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। नासिक-चाकण मार्ग पर 100 से ज्यादा बस सहित कई निजी वाहन तोड़ दिए गए। सहायक पुलिस अधीक्षक की गाड़ी पर भी पथराव किया गया। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।

दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलन के तहत पुणे के नजदीक चाकण में विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। इस प्रदर्शन के बाद चाकण में आंदोलन अचानक हिंसक हो गया। कुछ उपद्रवियों ने तलेगांव चौक में गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। तोड़फोड़ के बाद उन्होंने गाड़ियों में आग लगाना भी शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि कम से कम 25 से 30 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद चाकण इलाके में धारा 144 लगा दी गई।

करीब कई घंटों उपद्रव के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसने आंसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रवियों को खदेड़ा। हालांकि, अभी भी इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई जगहों पर अभी भी विरोध-प्रदर्शन जारी है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को साफ कर दिया था कि मराठा आंदोलन के दौरान केवल प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। लेकिन, जिन लोगों पर हिंसा फैलाने और पुलिस के साथ मारपीट करने का आरोप है, उन पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा किया हुआ तो अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी।

उधर, मराठा आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल विद्यासागर राव को पत्र लिखा है और इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

दूसरी तरफ, मराठा आरक्षण की मांग को पूरा कराने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मैदान में उतर आए हैं। ठाकरे ने कहा कि मराठा आरक्षण के लिए उनकी पार्टी काम करेगी। इसके लिए वे विधानसभा में आवाज उठाएंगे।

इस बीच कई मराठा समूहों ने 9 अगस्त को अगस्त क्रांति दिवस के रूप में मनाने के लिए महाराष्ट्र बंद की घोषणा की है।

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