किसके सिर सजेगा शहरी ताज? मुंबई समेत 29 निगमों के नतीजे आज

महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनाव परिणाम आज सामने आएंगे, जिनमें बीएमसी समेत 2,869 सीटों पर जीत-हार से अगले पांच साल की शहरी राजनीति तय होगी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मुंबई समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनाव की मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू हो रही है। इन चुनावों के नतीजे तय करेंगे कि आने वाले पांच वर्षों तक प्रदेश के बड़े शहरों की नगर सरकारों की कमान किसके हाथ में रहेगी।

893 वार्ड, 2,869 सीटें और 15,931 उम्मीदवार

इन नगर निकाय चुनावों में राज्य भर के 893 वार्डों में कुल 2,869 सीटों के लिए मतदान कराया गया। चुनावी मैदान में 15,931 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाते नजर आए। सिर्फ मुंबई की बात करें तो बीएमसी की 227 सीटों पर करीब 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।


3.48 करोड़ मतदाता, लेकिन वोटिंग औसत रही

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 29 नगर निकायों में कुल 3.48 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। गुरुवार को हुए मतदान में औसतन 46 से 50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

हालांकि बड़े शहरों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा-

  • मुंबई: 41.08%

  • पुणे: 36.95%

  • नागपुर: 41.23%

  • छत्रपति संभाजीनगर: 43.67%

  • नाशिक: 39.64%

मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चला।

बीएमसी: देश ही नहीं, एशिया की सबसे अमीर नगर पालिका

बीएमसी सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, आर्थिक रूप से भी बेहद ताकतवर संस्था है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी का बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है, जो इसे एशिया की सबसे समृद्ध नगर पालिकाओं में शामिल करता है। ऐसे में बीएमसी का नियंत्रण किसके पास जाएगा, इस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।


किन-किन शहरों में हुआ मतदान

बीएमसी के अलावा जिन प्रमुख नगर निकायों में चुनाव हुए, उनमें शामिल हैं-

नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, अमरावती, समेत कुल 29 नगर निकाय।

2017 के बाद पहली बार हुए निकाय चुनाव

गौर करने वाली बात यह है कि महाराष्ट्र में 2017 के बाद पहली बार नगर निकाय चुनाव कराए गए हैं। लंबे अंतराल के बाद हुए इन चुनावों को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह राज्य की शहरी राजनीति की नई दिशा तय कर सकते हैं।


आज के नतीजों से तय होगी शहरी राजनीति की तस्वीर

आज आने वाले नतीजे सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि शहरी मतदाता किस तरह के नेतृत्व और विकास मॉडल को आगे बढ़ाना चाहता है।

बीएमसी समेत सभी 29 नगर निकायों के परिणाम यह साफ कर देंगे कि महाराष्ट्र के शहरों में अगले पांच साल सत्ता की बागडोर किसके हाथों में रहने वाली है।