महाराष्ट्रः अजित पवार विमान हादसे की जांच को लेकर सियासी घमासान तेज, रोहित पवार ने एनसीपी विधायकों को घेरा
रोहित पवार ने अजित पवार की पार्टी के 40 विधायकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर उनमें जरा भी स्वाभिमान होता तो वे तुरंत सत्ता छोड़ देते। स्वाभिमान हर किसी में नहीं होता, उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और हम वही कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच को लेकर राजनीतिक विवाद शुक्रवार को गहरा गया। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रतिद्वंद्वी एनसीपी गुट के 40 विधायकों को भी निशाने पर लिया। रोहित पवार ने महायुति सरकार में शामिल अजित पवार गुट की सियासी ताकत और मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपनी ही सरकार को पत्र लिखने के बावजूद वे औपचारिक जांच नहीं करा सके।
स्वाभिमान हर किसी में नहीं होता
रोहित पवार ने कहा, "अजित पवार की पार्टी के 40 विधायकों ने विमान हादसे की सीबीआई जांच की मांग की थी और इसके लिए उन्हें अपनी ही सरकार को याद दिलाने वाला पत्र भी भेजना पड़ा। दुर्भाग्य की बात है कि अपनी ही सरकार को रिमाइंडर भेजने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और वह कूड़ेदान में फेंक दिया गया।" उन्होंने आगे कहा, "अगर इनमें जरा भी स्वाभिमान होता तो वे तुरंत सत्ता छोड़ देते। स्वाभिमान हर किसी में नहीं होता, उसे बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है और हम वही कर रहे हैं।"
महायुति सरकार में बैठे लोग उन्हें न्याय नहीं दिला सके
दिवंगत एनसीपी नेता अजित पवार के साथ अपने पारिवारिक संबंधों का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने कहा कि निष्पक्ष और गहन जांच की उनकी मांग पारिवारिक जिम्मेदारी और जनहित दोनों से जुड़ी हुई है। मैं पवार परिवार का सदस्य हूं। मेरा उपनाम पवार है और जिनका निधन हुआ, वह मेरे चाचा थे। एक भतीजे के तौर पर मेरा प्रयास है कि उन्हें न्याय मिले।"
उन्होंने आगे कहा, "जब राज्य का इतना बड़ा नेता इस तरह की परिस्थितियों में जान गंवा देता है, तो महाराष्ट्र के लाखों लोगों की तरह मैं भी चाहता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। दुर्भाग्य से महायुति सरकार में बैठे लोग, जो उन्हें दोस्त और 'दादा' कहते थे, अब तक उन्हें न्याय नहीं दिला सके हैं।" रोहित पवार ने राज्य प्रशासन पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया।
महाराष्ट्र सरकार को शर्म महसूस करनी चाहिए
रोहित पवार ने कहा, "हमने दुर्घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के लिए राज्य में तीन अलग-अलग जगहों पर प्रयास किए, लेकिन किसी ने हमारी बात पर ध्यान नहीं दिया। अगर मामले में एफआईआर महाराष्ट्र के बजाय कर्नाटक में दर्ज होती है, तो महाराष्ट्र सरकार को शर्म महसूस करनी चाहिए।" रोहित पवार ने यह भी बताया कि उन्होंने एक निर्धारित प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी है, जिसमें वह नए सबूत पेश करने वाले थे, क्योंकि उन्हें मामले से जुड़ी कुछ नई जानकारियां मिल रही हैं।
एक दिन पहले सुप्रिया सुले ने उठाया था मुद्दा
रोहित पवार का यह हमला एक दिन बाद सामने आया है, जब मौजूदा उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने एनसीपी-एसपी सांसद सुप्रिया सुले द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया दी थी। सुनेत्रा पवार ने इसका राजनीतिकरण नहीं करने की अपील करते हुए कहा था कि पवार परिवार और एनसीपी-एसपी को जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। इससे पहले सुप्रिया सुले ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि जहां राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई होती है, वहीं उनके दिवंगत भाई के विमान हादसे में अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है।
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