लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील पर गोलीबारी के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, सोलंकी 25 फरवरी की देर रात मरघट वाले हनुमान मंदिर के पास हुए हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में शामिल था। वर्मा ने बताया कि वह सिग्नल ऐप के जरिए गोदारा के सीधे संपर्क में था।

फोटो: सोशल मीडिया
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पीटीआई (भाषा)

विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा के एक सहयोगी को वकील दीपक खत्री की कार पर कथित तौर पर गोली चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। खत्री जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (मध्य) मधुर वर्मा ने बताया कि खत्री की गतिविधियों की जानकारी उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से पता चली। उनके अनुसार, आरोपी रोहित सोलंकी को रीलों के माध्यम से पता चला कि खत्री हर मंगलवार को मरघट वाले हनुमान मंदिर जाते हैं और मंदिर बंद होने पर ही वहां से निकलते हैं।

प्रक्रियात्मक मुद्दों के कारण थाईलैंड से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद सोलंकी को दो मार्च को दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया।

यह गिरफ्तारी उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के पास खत्री और उसके साथियों पर हुई गोलीबारी की घटना के एक सप्ताह बाद हुई है।

पुलिस के अनुसार, सोलंकी 25 फरवरी की देर रात मरघट वाले हनुमान मंदिर के पास हुए हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में शामिल था। वर्मा ने बताया कि वह सिग्नल ऐप के जरिए गोदारा के सीधे संपर्क में था।


वाहन में पांच लोग यात्रा कर रहे थे तभी अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन हमलावर थे और बाकी दो की तलाश जारी है। पुलिस हथियार, सिम कार्ड और वाहन की आपूर्ति करने वाले का भी पता लगा रही है।

वाहन में सवार लोगों में से संदीप नामक शख्स को पीठ में दो गोलियां लगीं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई और वह खतरे से बाहर हैं।

कश्मीरी गेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने कहा था कि गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा से जुड़े गैंगस्टर नवीन बॉक्सर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें खत्री को धमकी दी गई थी।

जांचकर्ताओं ने हमलावरों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। मामले की अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

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