फरीदाबाद-जेवर ग्रीन हाईवे परियोजना पर बड़ा हादसा, भारी मशीन गिरने से कई मजदूरों के दबे होने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, निर्माण के दौरान इस्तेमाल की जा रही भारी क्रेन अचानक असंतुलित होकर पलट गई। उस समय आसपास कई मजदूर काम कर रहे थे, जिससे उनके मलबे और मशीन के नीचे दबने की आशंका है।

फरीदाबाद से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले निर्माणाधीन ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान एक भारी मशीन अचानक गिर गई, जिसके नीचे कई मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर बचाव अभियान जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा फरीदाबाद के गांव पनहेड़ा के नजदीक हुआ, जहां ग्रीन हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, निर्माण के दौरान इस्तेमाल की जा रही भारी क्रेन अचानक असंतुलित होकर पलट गई। उस समय आसपास कई मजदूर काम कर रहे थे, जिससे उनके मलबे और मशीन के नीचे दबने की आशंका है।
मिली जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त साइट पर 6 से 7 मजदूर काम कर रहे थे। 3 से 4 मजदूरों के क्रेन के नीचे दबने की सूचना है। कई मजदूरों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। एक चश्मदीद सुनील कुमार ने बताया, "तूफ़ान के दौरान एक क्रेन पलट गई। दो लोगों को बचा लिया गया, लेकिन 2-3 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। यह क्रेन जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर के कंस्ट्रक्शन का काम कर रही है।"
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। बचाव दल मलबे में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मलबे में दबे लोगों की सही संख्या का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
घायलों और संभावित हताहतों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने कहा है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। घटनास्थल फरीदाबाद और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाला ग्रीन हाईवे प्रोजेक्ट क्षेत्र की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है।
हादसे के बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तकनीकी खराबी, लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना और घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
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