ममता बनर्जी का दावा, बंगाल में ‘अशांत माहौल’ बना रही बीजेपी सरकार, ज्ञानेश कुमार 'डाकू', पद से हटाने की मांग

निर्वाचन आयोग पर पक्षपात करने का लगातार आरोप लगाती रहीं ममता बनर्जी ने दावा किया कि बिहार, हरियाणा और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भी वोट ‘लूटे’ गए।

फोटो: Getty Images
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  • ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, 'चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की वोटों की चोरी'

  • ममता बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार को बताया 'डाकू', पद से हटाने की मांग

  • 'चुनाव से पहले सॉफ्टवेयर के जरिए बदले गए वोट', निर्वाचन आयोग पर बरसीं ममता

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पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की बीजेपी नीत सरकार पर राज्य में ‘अशांत माहौल’ पैदा करने का आरोप लगाया और इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।

निर्वाचन आयोग पर पक्षपात करने का लगातार आरोप लगाती रहीं ममता बनर्जी ने दावा किया कि बिहार, हरियाणा और मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भी वोट ‘लूटे’ गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार सुनिश्चित करने के लिए जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।


नए सोशल मीडिया चैनल की शुरुआत के मौके पर उन्होंने कहा, ‘‘2021 के चुनाव में जिन विधानसभा क्षेत्रों में हम एक लाख मतों के अंतर से जीते थे, उनमें से प्रत्येक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान करीब छह लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। 2026 के चुनाव से पहले एक साल की अवधि में कुमार और मुख्य साजिशकर्ताओं ने सॉफ्टवेयर का गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल करके वोट की हेराफेरी की।’’

ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार को ‘‘डाकू’’ करार देते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की। तीस सितंबर को नयी दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में ‘‘वोट चोरी’’ का मुद्दा उठाया और 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कथित चुनावी हेरफेर को लेकर चिंता जताई।

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की बीजेपी नीत सरकार पर ‘‘राज्य में अशांत माहौल’’ पैदा करने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘इस सरकार के महज चार महीने में लोग उत्पाती गिरोहों के हाथों अत्याचार झेल रहे हैं।’’

पुलिस के सत्तारूढ़ दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह सही है कि उन्हें कुछ हद तक सत्तारूढ़ दल की बात माननी पड़ती है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए।’’

ममता बनर्जी ने यह आरोप भी फिर से दोहराया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े कुछ बाहरी लोग पश्चिम बंगाल में अशांति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार लोगों को पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित कर रही है।