ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना, बोलीं- चिन्हित करके काटे गए वोट, जनता माफ नहीं करेगी
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “वैनिश कुमार” करार देते हुए कहा कि उन्होंने लोगों के अधिकार गायब कर दिए।

ममता ने ज्ञानेश कुमार को वैनिश कुमार करार दिया
ज्ञानेश कुमार ने ने लोगों के अधिकार गायब कर दिए
बंगाल में चिन्हित कर लोगों के वोट काटे गए
भारत की जनता ज्ञानेश कुमार को माफ नहीं करेगी
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि भारत की जनता उन लोगों को माफ नहीं करेगी, जो उनके वोट देने का अधिकार छीनने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने 2023 के एक कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मिले कानूनी संरक्षण के प्रावधान पर भी सवाल उठाया। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “वैनिश कुमार” करार देते हुए कहा, ‘‘उन्होंने लोगों के अधिकार गायब कर दिए। मैं उन्हें कैसे माफ कर सकती हूं? भारत की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।’’
हम अदालत गए, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला
ममता बनर्जी ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में कहा कि उनकी पार्टी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का शुरू से ही विरोध किया है और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया को केंद्रीकृत कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हम अदालत गए, लेकिन हमें न्याय नहीं मिला। हम 100 पीड़ितों के साथ निर्वाचन आयोग के पास गए। उन्होंने हमारा अपमान किया।’’
बीजेपी ने बंगाल में ईवीएम जलाने की साजिश रची
एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया का असर वर्ष की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस द्वारा जीते गए निर्वाचन क्षेत्रों और इलाकों पर असमान रूप से पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘हम जहां-जहां जीते, वहां चार गुना अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) जलाए जाने की घटनाओं की ‘‘साजिश रची’’ थी।
बंगाल में उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं पर पाबंदियां
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में उनकी पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अदालत के आदेश के बिना अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हमारी पार्टी को बैठकें करने की अनुमति नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। यहां तक कि मेरे आवास पर भी कोई सुरक्षा नहीं है, कुछ भी नहीं है।’’ बनर्जी ने कहा, ‘‘हर दिन 200-300 ‘गुंडे’ मेरे घर के सामने आकर शोर-शराबा करते हैं और गुंडागर्दी करते हैं। अब रात आठ बजे के बाद सड़क पर कोई नहीं निकलता।’
कानूनी संरक्षण के प्रावधान पर सवाल उठाया
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 में किए गए कानूनी संरक्षण के प्रावधान पर सवाल उठाया। इस प्रावधान के तहत आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन या उनके निर्वहन के कथित तौर पर किए गए कार्यों के लिए दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण दिया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि कोई व्यक्ति संविधान और लोकतंत्र की जिम्मेदारियों के तहत चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहा है, तो कोई मुद्दा नहीं है। हम उसका सम्मान करते हैं। लेकिन यदि कोई व्यक्ति कानूनी संरक्षण के कारण कुर्सी पर बैठा है तो समस्या है..”।
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