ममता ने न्यायिक अधिकारियों के घेराव के लिए AIMIM और ISF को दोषी ठहराया, BJP पर भी लगाया आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ के वाहनों का इस्तेमाल करके पैसा लाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वह जानती हैं कि यह पैसा कहां जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे पास इन गतिविधियों का रिकॉर्ड है और मैं उचित समय पर इनका खुलासा करूंगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के लिए शुक्रवार को एआईएमआईएम और आईएसएफ को दोषी ठहराया और बीजेपी पर उकसाने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि बुधवार को मालदा जिले के मोथाबाड़ी में कई घंटों तक न्यायिक अधिकारियों को घेरे रखने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी को राज्य की सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि यह पुलिस संगठन अब भी उनके नियंत्रण में है, न कि निर्वाचन आयोग के।
दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया, ‘‘बीजेपी ने उसे (आरोपी को) एआईएमआईएम से लिया और (हैदराबाद से) यहां लेकर आई।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) उन लोगों के साथ है; बीजेपी ने भी उकसाने का काम किया है’’। उन्होंने कहा कि सीआईडी ने मुख्य आरोपी और अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया जब वह भागने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘मालदा के मोथाबाड़ी में हिंसा की साजिश इन्हीं लोगों ने रची थी।’’
पश्चिम बंगाल में अशांति फैलाने के लिए बाहर से गुंडों को लाए जाने का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘वे न्यायाधीशों को भी नहीं बख्शते।’’ ममता ने एआईएमआईएम पर आरोप लगाया कि उसने बिहार विधानसभा चुनावों में मतों को विभाजित कर बीजेपी को चुनाव जीतने में मदद की। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक हुमायूं कबीर द्वारा हाल ही में गठित आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ गठबंधन किया है।कबीर ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले की सभी विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों को चुनौती देने का संकल्प लिया है।
राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने और उनकी पीड़ा के साथ सहानुभति व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने लोगों के अधिकारों और मतदाता सूची में उनके नाम शामिल किए जाने के लिए लड़ाई लड़ी है।बनर्जी ने सवाल उठाया कि विधानसभा चुनाव उसी मतदाता सूची के आधार पर क्यों नहीं कराए जा सकते, जिसका इस्तेमाल 2024 के आम चुनाव में किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम थे तो इससे पहले मोदी भी उनके वोट से चुनाव जीत चुके हैं इसलिए उन्हें तो सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहनों का इस्तेमाल करके पैसा लाया जा रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि वह जानती हैं कि यह पैसा कहां जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास इन गतिविधियों का रिकॉर्ड है और मैं उचित समय पर इनका खुलासा करूंगी।’’
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति से बीजेपी के वोट कम हो जाएंगे। अमित शाह ने कहा है कि वह चुनाव के दौरान 15 तक पश्चिम बंगाल में ही डेरा डालेंगे, जहां दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होंगे। ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘आप पश्चिम बंगाल में 365 दिन रह सकते हैं लेकिन इससे कुछ भी नहीं बदलेगा।’’
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान गुरुवार को अपने कालीघाट आवास के पास बीजेपी द्वारा हंगामा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उनसे किसी भी तरह की शिष्टाचार की उम्मीद करना व्यर्थ है।’’ उन्होंने दावा किया कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के 40,000 मतदाताओं के नाम एसआईआर प्रक्रिया में हटा दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस यह चुनाव जीतेगी। ममता इसी सीट से चुनाव लड़ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘राज्य के सभी 294 निर्वाचन क्षेत्रों में मैं आपकी उम्मीदवार हूं... भूल जाइए कि हमारी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में किसका नाम है।’’
उन्होंने बीजेपी पर लोगों पर धर्म का एक नया संस्करण थोपने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी लोगों के बीच जहर फैलाने की कोशिश कर रही है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी धर्मों के त्योहार मनाती हैं। बनर्जी ने कहा कि उनके सांसदों ने उन्हें बताया है कि बीजेपी संसद में परिसीमन विधेयक लाने की योजना बना रही है।
ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार का दावा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हार के बाद पार्टी को दिल्ली से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘वे बंगाल को फिर से बांटना चाहते हैं’’। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक नक्शा सामने आया है जिसमें बिहार और उत्तरी बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया राज्य बनाने का प्रस्ताव है।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने संथालों के विकास के लिए बहुत कुछ करने का दावा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राजबंगशी भाषा और ओल चिकी लिपि में कविताएं लिखी हैं; कई लोग मेरी आलोचना करते हैं, उन्हें करने दीजिए, लेकिन लोग जानते हैं कि मेरी लिखी 145 से अधिक पुस्तकें पहले ही प्रकाशित हो चुकी हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने नए डीजीपी, पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि वे सभी पश्चिम बंगाल से हैं और राज्य का समर्थन करेंगे।’’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उन्हें (अधिकारियों को) बीजेपी की बात नहीं सुननी चाहिए और जनता के लिए काम करना चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है; उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंसा नहीं हो, धन शोधन नहीं हो और नशीली दवाएं और हथियार नहीं लाए जाएं।’’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने जोर देकर कहा, ‘‘फिलहाल हमसे अधिकार छीन लिए गए हैं लेकिन हम जल्द वापस आएंगे और हर चीज का जायजा लेंगे।’’
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