बैन हटते ही कूचबिहार पहुंचीं ममता, CISF की फायरिंग में मारे गए लोगों के परिवार से मिलीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए 72 घंटे के प्रतिबंध के खत्म होते ही आज कूचबिहार जिले का दौरा किया, जहां उन्होंने चौथे चरण की वोटिंग के दिन सीआईएसएफ की गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की।

फोटोः ANI
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए 72 घंटे के प्रतिबंध के खत्म होते ही आज कूचबिहार के सीतलकुची में माथाभांगा गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने चौथे चरण की वोटिंग के दिन सीआईएसएफ की गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान ममता बनर्जी ने हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने और मारे गए लोगों की याद में शहीद बेदी बनाने का वादा किया।

ममता बनर्जी अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक आज सुबह 10 बजे माथाभंगा पहुंचीं। माथाभंगा अस्पताल के सामने मैदान में उनका हेलीकॉप्टर उतरा। इसके बाद ममता ने वहीं मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। ममता बनर्जी से मुलाकात करने के लिए चारों मृतक युवकों के परिवार के लोग सुबह में ही माथाभंगा पहुंच गए थे। पीड़ितों से मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि एक मृतक की पत्नी गर्भवती है, जबकि दूसरे मृतक के छोटे बच्चे हैं, हम सबको न्याय दिलाएंगे।

इसके साथ ही ममता ने कहा कि यहां मेरी कोई रैली नहीं थी, लेकिन पीड़ित परिवारों से मिलने आई हूं। उन्होंने कहा, “आज मेरे 6 कार्यक्रम हैं, मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं है, लेकिन फिर भी मैं पीड़ितों से मिलने यहां आई हूं। चुनाव आयोग ने यहां आने से 72 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था, वरना अपने भाई-बहनों के दर्द में शामिल होने बहुत पहले यहां आ जाती।” साथ ही ममता ने आनंद बर्मन के हत्यारों को पकड़ने और चुनाव बाद मारे गए पांचों लोगों की याद में शहीद बेदी बनवाने का भी ऐलान किया। उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि ''हो सकता है कि आयोग मुझे एक और नोटिस भेज दे, लेकिन मैं वहीं करूंगी, जो करना चाहती हूं।''


बता दें कि 10 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकुची में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इनमें से एक 18 साल के लड़के की किसी ने तब हत्या कर दी थी, जब वह मतदान के दौरान पहली बार वोट डालने जा रहा था। जबकि उसी इलाके में एक अलग घटना में एक बूथ के बाहर मौजूद भीड़ पर सीआईएसएफ द्वारा की गई फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। सीआईएसएफ और चुनाव आयोग ने कहा था कि बल ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी।

कूचबिहार में हुई इस हिंसा के लिए बीजेपी ने टीएमसी पर, तो टीएमसी ने बीजेपी और गृहमंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया था। इस बीच ममता कूचबिहार जाने का ऐलान कर दिया, जिसके फौरन बाद चुनाव आयोग ने सभी दलों के नेताओं के कूचबिहार जाने पर 72 घंटे के लिए प्रतिबंध लगा दिया था। यही नहीं, इसके बाद केंद्रीय बलों पर टिप्पणी करने और एक जनसभा में मुस्लिमों से एकजुट होकर वोटिंग की अपील करने के लिए आयोग ने ममता के प्रचार करने पर 24 घंटे का बैन लगा दिया था।

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