ममता ने मैदान में उतारीं 41 फीसदी महिलाएं, अभिनेत्रियों को दिए टिकट, 10 मौजूदा सांसदों के टिकट कटे

ममता बनर्जी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बड़ा दांव खेलते हुए 41 फीसदी सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मंगलवार को बंगाल की सभी 42 सीटों का ऐलान करते हुत तृणमूल ने अपने 10 मौजूदा सांसदों का टिकट काट दिया है।

फोटो : सोशल मीडिया
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लोकसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर सबसे पहले उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने 41 फीसदी महिलाओं को टिकट दिए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने इस मौके पर कहा कि, “सभी राजनीतिक दल बात करते हैं, लेकिन टीएमसी ने महिलाओं को 41 फीसदी भागीदारी देकर देश की आधी आबादी के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है।“ गौरतलब है कि तृणमूल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 35 फीसदी महिलाओं को टिकट दिया था।

जिन उम्मीदवारों को टिकट दिए गए हैं उनमें अभिनेत्रियां भी हैं। राजनैतिक विश्लेषक इसे मोदी की काट के लिए ममता का मंत्र बता रहे हैं। जिन अभिनेत्रियों को टिकट दिया गया है उनमें नुसरत जहान, मिमी चक्रवर्ती और शताब्दी राय प्रमुख हैं। इसके अलावा पूर्व अभिनेत्री और टीएमसी की सक्रिय सदस्य मुनमुन सेन भी शामिल हैं। सेन केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के खिलाफ आसनसोल सीट से चुनाव मैदान में होंगी। कांग्रेस से टीएमसी में शामिल हुईं मौसमी नूर पश्चिम बंगाल की मालदा सीट से चुनाव लड़ेंगीं।

इसी तरह तृणमूल विधायक सत्यजीत बिस्वास की पत्नी रूपाली बिस्वास रानाघाट से मैदान में होंगी। बालाघाट से अपता घोष, कृष्णानगर से महुआ मोइत्रा, बनगान से ममता बाला ठाकुर, ज्वायनगर से प्रतिमा मंडल, आरामबाग से अपूर्वा पोद्दार, माला राय, बीरभा सोरेन आदि महिलाएं लोकसभा चुनाव में अपनी अपनी सीटों से आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करेंगी।

इस अवसर पर ममता ने सभी राजनीतिक दलों को ललकारते हुए कहा है कि टीएमसी के पास 41 फीसद महिला उम्मीदवार हैं। राजनीतिक दल बात तो करते हैं बराबरी की, लेकिन महिला उम्मीदवारों को लेकर उनकी संकीर्ण सोच हमेशा आड़े आती है। उन्होंने कहा हमें इसकी घोषणा की जरूरत नहीं है। यह टीएमसी के लिए गर्व की बात है।

ममता की पार्टी पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, उड़ीसा, अंडमान-निकोबार और असम से भी अपने उम्मीदवार उतारेगी। ममता बनर्जी ने कहा कि जो वर्तमान सांसद इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे उन्हें पार्टी के कार्य में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जाधवपुर से सांसद सुगाता बोस चुनाव नहीं लड़ सकेंगे क्योंकि वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और विश्वविद्यालय से उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली है। इसके अलावा संध्या रॉय भी स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। बनर्जी ने बताया कि वरिष्ठ नेता सुब्रता बक्शी और उमा सोरेन पार्टी के लिए कार्य करेंगे।

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