मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने दिया इस्तीफा, कांग्रेस बोली- सबकुछ बर्बाद हो जाने के बाद...
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस सोमवार को मणिपुर विधानसभा में बीरेन सिंह की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली थी। ऐसे में मुख्यमंत्री ने माहौल को भांपते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा देर से दिया गया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को राज्यपाल से मिलकर पद इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने बीरेन सिंह के इस्तीफे को देर से लिया गया फैसला करार देते हुए कहा कि दो समुदायों के बीच हमेशा के लिए दरार पैदा हो गई है। सब कुछ बर्बाद हो जाने के बाद सीएम को हटाना कोई कोई मतलब नहीं रह जाता है। राज्य को आज भी पीएम मोदी के दौरे का इंतेजार है।
बीरेन सिंह ने आज शाम मंत्रियों और बीजेपी नेताओं के साथ इंफाल में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंपा। सिंह ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘‘अब तक मणिपुर के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं प्रत्येक मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए समय पर की गई कार्रवाई, विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार का बहुत आभारी हूं।’’
कांग्रेस ने एन बीरेन सिंह के इस्तीफे को ‘‘देर से उठाया गया कदम’’ बताते हुए कहा कि राज्य के लोगों को लगातार विदेशी दौरों पर रहने वाले हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने का अभी भी इंतजार है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस सोमवार को मणिपुर विधानसभा में सिंह और उनकी मंत्रिपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली थी। ऐसे में मणिपुर के मुख्यमंत्री ने माहौल को भांपते हुए इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस मणिपुर में हिंसा भड़कने पर मई 2023 की शुरुआत से इसकी मांग कर रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री का इस्तीफा देर से दिया गया। अब मणिपुर के लोग लगातार विदेश यात्रा करने वाले हमारे प्रधानमंत्री के दौरे का इंतजार कर रहे हैं, जो इस समय फ्रांस और अमेरिका की यात्रा पर हैं और जिन्हें पिछले 20 महीने में मणिपुर जाने के लिए न तो समय मिला है और न ही उनकी इच्छा है।’’
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के अनुसार नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा एक या दो दिन में की जाएगी। इस्तीफा देने से पहले एन. बीरेन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। एन. बीरेन सिंह को राज्य में जातीय संघर्ष से निपटने के तरीके को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। पिछले हफ्ते विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत को दिल्ली बुलाए जाने के बाद मणिपुर में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलने लगे थे। इसके बाद ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री युमनाम खेमचंद भी दिल्ली आए थे। इस बीच कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा था। ऐसे में सीएम एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे को बड़े सियासी घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले एन. बीरेन सिंह ने पिछले वर्ष के अंत में मणिपुर में हिंसा को लेकर जनता से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था, "यह पूरा साल बेहद खराब रहा। मैं राज्य के लोगों से पिछले साल तीन मई से लेकर आज तक जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए माफी मांगता हूं। कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। कई लोगों ने अपना घर छोड़ दिया। मुझे इसका दुख है। मुझे उम्मीद है कि 2025 में राज्य में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।"
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