'कृत्रिम जनादेश' तैयार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत- सचिन पायलट ने बीजेपी पर साधा निशाना
सचिन पायलट ने कहा कि पहले जो विधेयक गिर चुका था उसे एक 'कृत्रिम जनादेश' के माध्यम से दोबारा लाने की कोशिश राजनीतिक एजेंडा पूरा करने का प्रयास है जिसकी अनुमति देश की जनता ने कभी नहीं दी।

कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने छोटे दलों में तोड़फोड़ को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार कहा कि देश की जनता ने बीजेपी को सरकार चलाने के लिए बहुमत दिया है, न कि दो-तिहाई बहुमत। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा जनादेश, जो जनता ने नहीं दिया, उसे कृत्रिम रूप से तैयार करने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।’’
सचिन पायलट ने कहा कि पहले जो विधेयक गिर चुका था उसे एक 'कृत्रिम जनादेश' के माध्यम से दोबारा लाने की कोशिश राजनीतिक एजेंडा पूरा करने का प्रयास है जिसकी अनुमति देश की जनता ने कभी नहीं दी। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दलों को तोड़कर, सांसदों को पाला बदलवाकर कर और कृत्रिम जनादेश तैयार कर संवैधानिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जाएगा तो देश की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया का एक निर्धारित संवैधानिक ढांचा है, पहले जनगणना होनी चाहिए, उसके बाद आयोग का गठन होना चाहिए और फिर परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। पायलट ने कहा कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के परिसीमन करना केवल राजनीतिक उद्देश्य साधने का प्रयास है, जो अवैधानिक, अनैतिक और असंवैधानिक है।
सचिन पायलट ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए किस प्रकार के रास्ते अपना रही है। बता दें कि पायलट का यह बयान हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों के पाला बदलने और शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के दलबदल करने की चर्चाओं के बीच आया है।
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