मायावती ने जताई अज्ञात लोगों से खतरे की आशंका, सीएम योगी से की बीएसपी दफ्तर कहीं और शिफ्ट करने की मांग

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राजधानी लखनऊ में मॉल एवेन्यू पर स्थित उनके कार्यालय को खतरा है, इसके मद्देनजर उनकी पार्टी को लखनऊ में ही कहीं अन्यत्र स्थान की व्यवस्था कराई जाए।

बीएसपी कार्यालय में लगी प्रतिमाओं पर माल्यार्ण करती मायवती(फोटो अप्रैल 2022 की है) :Getty Images
बीएसपी कार्यालय में लगी प्रतिमाओं पर माल्यार्ण करती मायवती(फोटो अप्रैल 2022 की है) :Getty Images

INDIA गठबंधन में शामिल होने के कयासों के बीच, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राजधानी लखनऊ में मॉल एवेन्यू पर स्थित उनके कार्यालय को खतरा है, इसके मद्देनजर उनकी पार्टी को लखनऊ में ही कहीं अन्यत्र स्थान की व्यवस्था कराई जाए।

मायावती ने आशंका जताई है कि मौजूदा पार्टी कार्यालय में कुछ अनहोनी घटना हो सकती है, क्योंकि अभी दफ्तर एक फ्लाईओवर के नजदीक है जिससे सुरक्षा में चूक हो सकती है।

मायावती ने इस बाबत एक्स पर (पहले ट्विटर) सिलसिलेवार पोस्ट लिखते हुए सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर कई तरह के आरोप भी लगाए हैं। 

उन्होंने लिखा है कि सुरक्षा की दृष्टि से पार्टी प्रमुख के तौर पर वे पार्टी की अधिकतर बैठकें अपने आवास पर ही करती हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी का उन्होंने सीधे नाम तो नहीं लिया, लेकिन आरोप लगाया कि अज्ञात षडयंत्रकारियों ने जानबूझकर फ्लाइओवर को उनके दफ्तर के नजदीक ऊंचाई पर बनवाया था। उन्होंने इस काम को दलित विरोधी भी करार दिया।

 मायावती ने खुलासा किया कि सुरक्षा के लिहाज़ से ही उन्होंने अपने आवास से दलित विचारकों की प्रतिमाओं को हटा दिया था, क्योंकि इनकी आड़ में उनके आवास पर उपद्रव किए जाने की आशंका थी।

मायावती ने 2 जून 1995 को हुए गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया है। इस घटना में अज्ञात लोगों ने मायावती और उनके समर्थकों पर जानलेवा हमला किया था। मायावती ने इस घटना में शामिल लोगों के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने का आरोप लगाया था।


मायावती के आरोपों और दावों पर बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा है कि हालांकि मायावती की सुरक्षा को लेकर किसी किस्म की फिलहाल कोई खतरा नहीं है, फिर भी योगी सरकार राज्य के सभी नागरिकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस बारे में मायावती को औपचारिक तौर पर सरकार को आवेदन भेजना चाहिए, इसके बाद ही नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकेगी।

उधर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, “राज्य की बीजेपी सरकार सभी सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है, और इसमें मायवती जी भी शामिल हैं।”

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