ओलंपिक में देश का झंडा बुलंद कर लौटे ‘पदक वीरों’ का हुआ सम्मान, खिलाड़ियों ने कहा- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखेंगे

इस मौके पर सभी खिलाड़ियों ने भी अपनी अपनी बात रखी। ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने कहा कि यह पदक सिर्फ मेरा ही नहीं बल्कि पूरे भारत का है। जब से मेडल जीता हूं, जेब में रखकर घूम रहा हूं। मेरी जिंदगी का ये सबसे बड़ा मौका था।

फोटोः विपिन
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नवजीवन डेस्क

टोक्यो ओलंपिक में भारत का झंडा ऊंचा कर आज देश वापस लौटे पदक विजेताओं का दिल्ली एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत हुआ। उसके बाद अशोका होटल में सभी पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सभी पदक विजेताओं को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, खेल राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक और कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

इस दौरान सभी खिलाड़ियों ने अपनी अपनी बात रखी। अनुराग ठाकुर ने कहा, "पदक ही नहीं, बल्कि आप सभी ने भारतीयों के दिल को भी जीता है। आप सभी नए भारत के नए हीरो हैं। आप युवाओं के रियल प्रेरणास्रोत्र हैं जो अब पदक जीतने की चाहत रखते हैं। भारतीय युवा नए सपने और आकांक्षाओं के साथ खेल की ओर रूख कर रहे हैं।"

वहीं, कानून मंत्री और पूर्व खेल किरेन रिजिजू ने इस मौके पर कहा कि मैं देशवासियों की ओर से सभी पदक विजेताओं को बधाई देना चाहता हूं। ये वो पल होते हैं जब आप खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकते। हम केवल इसे महसूस कर सकते हैं। रिजिजू ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम को पदक नहीं मिला लेकिन उन्होंने देशवासियों का दिल जीत लिया। आप सभी ने 6 खेल विधाओं में सात पदक लाकर इतिहास रच दिया।


इस दौरान सभी खिलाड़ियों ने भी अपनी अपनी बात रखी। ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने कहा कि यह पदक सिर्फ मेरा ही नहीं बल्कि पूरे भारत का है। जब से मेडल जीता हूं, जेब में रखकर घूम रहा हूं। स्वर्ण पदक जीतने के बाद मैंने न ठीक से खाया और न सोया। ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा बहुत कठिन थी। क्वालीफाई करने के बाद, मुझे एहसास हुआ कि यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा अवसर है और मैं इसे नहीं खोऊंगा। मेरी जिंदगी का ये सबसे बड़ा मौका था।

वहीं मुक्केबाजी में कांस्य जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि मैं घर वापस आकर बहुत खुश हूं। मुझे पता था कि भारत में लोग बहुत खुश होंगे लेकिन यहां वापस आने के बाद पहली बार इतना प्यार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं इस तरह के और पदकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।

कुश्ती में कांस्य जीतने वाले बजरंग पुनिया ने कहा कि मैंने केवल अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। वहीं, कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह बहुत अच्छा लगता है। मैं सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को हमारे पृथक्कवास के दौरान मदद करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। उन्होंने हमें पूरा सहयोग दिया।


बता दें कि भारत ने टोक्यो ओलंपिक में एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक के साथ कुल सात पदक जीते जो भारत का ओलंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक इवेंट में स्वर्ण, रवि दहिया ने कुश्ती में रजत, मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत, पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में कांस्य, लवलीना बोरगोहेन ने मुक्केबाजी में कांस्य, बजरंग पुनिया ने कुश्ती में कांस्य और पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता है।

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