मीडिया ने मार दिया जैश का सरगना मसूद अज़हर, अब जैश के सूत्रों के हवाले से बताया जिंदा है आतंकी

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को मीडिया ने मार गिराया। किसी ने उसे किडनी फेल होने से मारा तो किसी ने तो सीधे बालाकोट बमबारी में उसकी मौत होने का दावा कर दिया। लेकिन जिन मीडिया संस्थानों ने मसूद अजहर को मारा वही अब जैश के सूत्रों के हवाले से उसके जिंदा होने की बात कर रहे हैं।

स्क्रीन शॉट
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नवजीवन डेस्क

क्या पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अज़हर मारा गया? रविवार शाम अचानक पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मसूद अज़हर की मौत की खबर देश के सारे मीडिया में सुर्खियां बनी। लेकिन, किसी भी समाचार चैनल या न्यूज़ पोर्टल ने इस खबर की पुष्टि नहीं की।

किसी खबर में बताया गया कि मसूद अजहर की मौत किडनी फेल होने से 2 मार्च को हुई, तो किसी खबर में कहा गया कि बालाकोट में हुई बमबारी में मारा गया मसूद अजहर। इन खबरों के बाद सोशल मीडिया में भी यह खबर वायरल हो गई। इसी बीच न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस ने भी मसूद अज़हर की मौत की खबर एक ट्वीट के जरिए दी। हालांकि एजेंसी ने कहा कि उसकी मौत की अटकलें हैं।

लेकिन एक न्यूज़ चैनल ने तो बाकायदा यह कहा कि, “बालाकोट हमले के वक्त मसूद अज़हर सो रहा था और बमबारी में मारा गया।”

इस सबके बीच न तो किसी भारतीय एजेंसी और न ही पाकिस्तान ने इस खबर की पुष्टि की। अलबत्ता सोशल मीडिया पर कहा जाने लगा कि पाकिस्तान सरकार उसकी मौत की खबर सार्वजनिक करने के लिए सेना की हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है और हो सकता है एक-दो दिन में इसका ऐलान कर दिया जाए।

गौरलतब है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को एक विदेशी न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा था कि, “मसूद अज़हर पाकिस्तान में ही है और बेहद बीमार है। वह इतना बीमार है कि अपने घर से भी नहीं निकल सकता।”

इस बीच पाकिस्तान के एक पत्रकार एजाज़ सैयद ने दावा किया कि मसूद अज़हर जिंदा है। एजाज़ सैयद ने ट्वीट किया है, “ज़िंदा है मसूद अज़हर। मौत के बारे में फैलाई गई खबरें गलत, मीडिया फिर फेक न्यूज के जाल में फंसा।”

मसूद अज़हर की कथित मौत को लेकर हर न्यूज़ चैनल और मीडिया संस्थान की अपनी थ्योरी रही। सीएनएन- न्यूज़18 ने दावा किया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर की मौत हो गई है। चैनल ने कहा कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसकी 2 मार्च को ही मौत हो गई थी। यह भी कहा गया कि हालांकि न्यूज़ 18 इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, साथ ही कहा गया कि पाकिस्तानी सेना की अनुमति के बाद ही मसूद की मौत होने की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

इस चैनल ने लिखा कि, “इस्लामाबाद के आर्मी हॉस्पिटल के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक मसूद की मौत हो गई है।“ वहीं जी न्यूज़ ने कहा कि भारतीय वायुसेना की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा स्थित बालाकोट में जैश के प्रशिक्षण शिविर पर की गई एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर और आईएसआई का कर्नल सलीम भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। दोनों की बाद में रावलपिंडी के अस्पताल में मौत हो गई है।

इस दौरान चैनलों के स्टूडियो और उनकी स्क्रीन की खिड़कियों अवतरित हुए विशेषज्ञों ने कहा कि ‘अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने मसूद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर अगले 10 दिन में फैसला होना है। साथ ही भारत ने भी उसके खिलाफ पाकिस्तान को डोजियर सौंपा है। ऐसे में यह संभव है कि पाकिस्तान ने इन कार्रवाइयों से बचाव के लिए जैश सरगना को अंडरग्राउंड कर उसकी मौत की अफवाह फैला दी हो।

कौन है मसूद अज़हर?

मसूद अज़हर को अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन का करीबी माना जाता था। 1999 में एयर इंडिया की उड़ान आईसी-814 के अपहरण के बाद यात्रियों को बचाने के एवज तत्कालीन अटल बिहारी सरकार ने मसूद अजहर को छोड़ा था। उसे 1994 में जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद उसने जैश की स्थापना की। वर्ष 2000 में उसके एक आत्मघाती हमलावर ने श्रीनगर में हमले को अंजाम दिया। जैश ने भारतीय संसद के अलावा 2016 में पठानकोट एयरबेस और उसी साल उरी बेस पर भी हमला किया। हाल ही में हुए पुलवामा हमले की जिम्मेदारी भी मसूद अज़हर के गुट जैश ने ही ली थी।

क्या है जैश-ए-मोहम्मद?

जैश-ए-मोहम्मद एक पाकिस्तानी जिहादी संगठन है जिसके आतंकी जम्मू-कश्मीर समेत भारत के कई राज्यों में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। जनवरी 2002 में जब इसे पाकिस्तान की सरकार ने इस पर पाबंदी लगाई तो जैश-ए-मोहम्मद ने अपना नाम बदलकर खुद्दाम-उल-इस्लाम कर लिया था।

कहां-कहां लगा है जैश पर प्रतिबंध?

मसूद अजहर के आतंकी संगठन पर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और भारत समेत कई देशों में प्रतिबंधित है। फिर भी मसूद अजहर पाकिस्तान में खुलेआम रैलियों में भारत के खिलाफ जहर उगलता है। मसूद अजहर को भारतीय विमान के अपहरण करने के लिए कभी कोई सजा नहीं मिली।

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