यूपी: मेरठ के पल्लवपुरम फेस-2 में क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप, कई लोगों की बिगड़ी हालत

मेरठ के पल्लवपुरम फेस-2 में एसटीपी से क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

फोटो: सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश के मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट में बुधवार को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना से हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। कुछ लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और दूसरी दिक्कतों की शिकायत की।

गैस रिसाव के बाद लोगों को किया गया सतर्क

घटना की जानकारी मिलते ही पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने स्थानीय लोगों को सतर्क किया। लोगों से घबराने से बचने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई। साथ ही दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने तथा बाहर मौजूद परिजनों को तुरंत घर लौटने की सूचना देने को कहा गया।

खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रभावित इलाके से दूर रहने की सलाह दी गई। गैस फैलने की जानकारी मिलते ही इलाके में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लिए, जबकि कुछ लोग घरों से बाहर भी निकल आए।


STP परिसर में हुआ रिसाव, 50 मीटर तक असर की आशंका

बताया गया कि क्लोरीन गैस का रिसाव एसटीपी परिसर में हुआ। सूचना मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया और रिसाव को नियंत्रित करने के साथ स्थिति सामान्य करने की कोशिश शुरू की गई। अधिकारियों की ओर से प्रारंभिक तौर पर बताया गया कि गैस का प्रभाव प्लांट की परिधि से करीब 50 मीटर के दायरे तक रहने की संभावना है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गैस के रिसाव की जानकारी मिलते ही संबंधित कर्मचारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद रिसाव रोकने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना सामने आई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायत

घटना के बाद क्षेत्र में एहतियात बढ़ा दी गई और लोगों को प्रभावित इलाके से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। स्थानीय लोगों ने गैस के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और अन्य दिक्कतों की शिकायत की।

फिलहाल गैस रिसाव को नियंत्रित करने और स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी थे। तत्काल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी। वहीं, घटना के बाद स्थानीय लोग एसटीपी की सुरक्षा व्यवस्था और गैस रिसाव के कारणों को लेकर चिंतित नजर आए।