नौकरी पर आफत! Meta में 8,000 कर्मचारियों की छंटनी, AI पर 100 अरब डॉलर खर्च करेगी कंपनी

Meta ने AI निवेश बढ़ाने के लिए 8,000 नौकरियों में कटौती शुरू की है। सिंगापुर से लेऑफ की शुरुआत हुई है। इस फैसले से इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमें सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी।

फोटो: AI Generated
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नवजीवन डेस्क

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अमेजॉन, IBM और इंफोसिस जैसी कंपनियों में छंटनी की खबरों के बीच अब Meta ने भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की कटौती शुरू कर दी है। कंपनी दुनिया भर में करीब 8,000 पद खत्म करने जा रही है और इसकी शुरुआत सिंगापुर स्थित एशियाई हब से हो चुकी है।

मेटा का कहना है कि यह कदम खर्च कम करने और AI पर भारी निवेश बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी इस साल AI टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करने की तैयारी में है।

इंजीनियरिंग टीम पर सबसे ज्यादा असर

20 मई को सबसे पहले सिंगापुर के कर्मचारियों को ईमेल भेजकर छंटनी की जानकारी दी गई। स्थानीय समयानुसार सुबह 4 बजे प्रभावित कर्मचारियों को नोटिफिकेशन मिला। इसके बाद यूरोप और अमेरिका के कर्मचारियों को भी उनके टाइम जोन के हिसाब से सूचना दी जानी थी।

कंपनी ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी ताकि पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इस साल बाद में और छंटनी भी हो सकती है।

सिंगापुर Meta का एशिया में बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए सबसे पहले वहीं के कर्मचारी प्रभावित हुए। कंपनी ने नए पदों पर भर्ती और ओपन पोजिशन को भी सीमित करने की योजना बनाई है।


AI पर फोकस, Meta कर रही बड़ी रिस्ट्रक्चरिंग

Meta लगातार अपनी कंपनी संरचना में बदलाव कर रही है। कंपनी कुछ नई AI-फोकस्ड टीमों पर तेजी से काम कर रही है और मैनेजमेंट लेयर को छोटा बनाया जा रहा है ताकि फैसले तेजी से लिए जा सकें।

Meta की हेड पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने कर्मचारियों को भेजे इंटरनल मेमो में कहा कि यह बदलाव कंपनी को ज्यादा सक्षम और तेज बनाने के लिए जरूरी है। कंपनी फिलहाल चार नई AI-नेटिव टीमों पर काम कर रही है। Meta का अनुमान है कि इस रिस्ट्रक्चरिंग से सालाना करीब 3 बिलियन डॉलर की बचत हो सकती है।

हालांकि, कंपनी अभी भी भारी मुनाफा कमाने वाली टेक कंपनी है, लेकिन AI पर तेजी से बढ़ते खर्च को देखते हुए लागत कम करने के लिए नौकरियों में कटौती की जा रही है।

मार्क जुकरबर्ग की AI रणनीति से कर्मचारियों में चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने AI को कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बना दिया है। कंपनी अब Google और OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए तेजी से AI में निवेश कर रही है।

जुकरबर्ग ने इंजीनियरों को कोडिंग और दूसरे तकनीकी कामों में AI टूल्स इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही कंपनी कर्मचारियों के डिवाइस से डेटा लेकर AI सिस्टम को बेहतर बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। इस कदम को लेकर कई कर्मचारी नाराज और चिंतित बताए जा रहे हैं।

हजारों कर्मचारियों ने कंपनी को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है। वहीं, लगातार हो रही छंटनी से कर्मचारियों के मनोबल और कामकाज पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।


AI निवेश पर बढ़ी निवेशकों की चिंता

Meta इस साल AI और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करने की तैयारी में है। हालांकि कंपनी का दावा है कि छंटनी से कुछ लागत की भरपाई हो जाएगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह बचत AI निवेश के मुकाबले काफी कम है।

फिलहाल कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि सिंगापुर के बाद अगली छंटनी कब और कितने कर्मचारियों की होगी। लेकिन Meta की मौजूदा रणनीति ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आने वाले समय में AI की दौड़ टेक कंपनियों में नौकरियों और काम करने के तरीके दोनों को तेजी से बदलने वाली है।

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