उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के पहले ही दिन मंडरा रहे संकट के 'बादल', बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत अन्य पर्वतीय स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और तेज बारिश भी हो सकती है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मंगलवार से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया। वहीं चारधाम यात्रा के पहले ही दिन ही मौसम विभाग ने उत्तरकाशी (गंगोत्री-यमुनोत्री), चमोली (बदरीनाथ) और रुद्रप्रयाग (केदारनाथ) में मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और तेज बारिश के आसार हैं। हालांकि अभी कहीं से मौसम खराब होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन मसूरी में हल्के बादल छाए हैं। वहीं मंगलवार को प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में ओलावृष्टि और गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत अन्य पर्वतीय स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और तेज बारिश भी हो सकती है।

वहीं बारिश होने की वजह से पहाड़ों पर भूस्खलन की घटनाएं भी हो सकती हैं। जिसके मद्देनजर यात्रियों को थोड़ा सजग रहने की आवश्यकता है। अभी सोमवार को ही ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे दस घंटे बंद रहा। हाईवे बंद होने से करीब डेढ़ सौ वाहन फंस गए। जिससे यात्री परेशान रहे। उन्हें घंटों भूखे-प्यासे रहना पड़ा।

रविवार तड़के चार बजे भूस्खलन होने से हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जो सोमवार दोपहर एक बजे खोला जा सका। इसी स्थान पर पिछले एक माह में कई बार राजमार्ग बंद हो चुका है। गौरतलब है कि ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे में टिहरी के रमोलधार में आलवेदर रोड चौड़ीकरण के दौरान आठ अप्रैल से भूस्खलन शुरू हुआ। तब से यहां अक्सर मार्ग अवरुद्ध हो रहा है।

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