कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को तबाह करने वाले लड़ाकू विमान मिग-27 रिटायर, जोधपुर से भरी आखिरी उड़ान

कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को तबाह करने वाले लड़ाकू विमान मिग-27 आज देश की वायुसेना को अलविदा कह दिया। 34 सालों तक वायुसेना का हिस्सा रहने के बाद मिग 27 ने शुक्रवार को जोधपुर एयरबेस में आखिरी उड़ान भरा।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

कारगिल युद्ध का ‘बहादुर हीरो’ लड़ाकू विमान मिग-27 आज वायुसेना से रिटायर हो गया है। राजस्थान के जोधपुर एयरबेस में लड़ाकू विमान ने अपनी आखिरी उड़ान भरी। मिग 27 को आखिरी विदाई देने के लिए वायुसेना के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। विदाई के दौरान मिग-27 को सलामी भी दी गई। बपता दें कि मिग-27 ने तीन दशक तक भारत की वायुसेना की सेवा की।

कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को तबाह करने वाले लड़ाकू विमान मिग-27  रिटायर, जोधपुर से भरी आखिरी उड़ान

29 स्क्वाड्रन वायुसेना में मिग 27 अपग्रेड विमानों को संचालित करने वाली एकमात्र इकाई है। 29 स्क्वाड्रन की स्थापना 10 मार्च 1958 को वायुसेना स्टेशन हलवारा में ओरागन (तूफानी) विमान से की गई थी। सालों तक स्क्वाड्रन को कई तरह के विमानों से लैस किया गया, जिसमें मिग-21 टाइप 77, मिग 21 टाइप 96, मिग 27 एमएल और मिग 27 अपग्रेड शामिल हैं।


कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को तबाह करने वाले लड़ाकू विमान मिग-27  रिटायर, जोधपुर से भरी आखिरी उड़ान

इससे पहले रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि स्विंग-विंग फ्लीट का उन्नत संस्करण 2006 से वायुसेना के स्ट्राइक फ्लीट का गौरव रहा है। अन्य सभी संस्करण जैसे मिग-23 बीएन और मिग-23 एमएफ और विशुद्ध मिग-27 वायुसेना से पहले ही रिटायर हो चुके हैं।

कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना को तबाह करने वाले लड़ाकू विमान मिग-27  रिटायर, जोधपुर से भरी आखिरी उड़ान

मंत्रालय ने कहा कि इस बेड़े ने ऐतिहासिक कारगिल युद्ध के दौरान गौरव हासिल किया था, जब इसने दुश्मन के ठिकानों पर रॉकेट और बम सटीकता से गिराए थे। इस बेड़े ने 'ऑपरेशन पराक्रम' में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

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Published: 27 Dec 2019, 11:23 AM