मणिपुर में असम राइफल्स की चौकी पर उग्रवादियों का हमला, चार जवान घायल, एक की हालत गंभीर

हमलावरों ने पहले हैंड ग्रेनेड फेंके और फिर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। चौकी में तैनात जवानों ने तुरंत जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद दोनों तरफ से करीब 15-20 मिनट तक गोलियां चलती रहीं। इसके बाद हमलावर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।

मणिपुर में असम राइफल्स की चौकी पर उग्रवादियों का हमला, चार जवान घायल, एक की हालत गंभीर
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नवजीवन डेस्क

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मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के साइबोल क्षेत्र में शुक्रवार को असम राइफल्स की एक अस्थायी चौकी पर अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने अचानक से हमला बोल दिया। ग्रेनेड हमले और गोलीबारी में असम राइफल्स के चार जवान घायल हो गए। इनमें से एक जवान को पेट में गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

यह चौकी 3 असम राइफल्स की अल्फा कंपनी के जवानों की थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने पहले हैंड ग्रेनेड फेंके और फिर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। चौकी में तैनात जवानों ने तुरंत जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद दोनों तरफ से करीब 15-20 मिनट तक गोलियां चलती रहीं। इसके बाद हमलावर अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।


सुरक्षा बलों के अनुसार, इस हमले में असम राइफल्स के चार जवान घायल हो गए। इनमें से एक जवान को पेट में गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को सबसे पहले नजदीकी फील्ड अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर हेलीकॉप्टर से इंफाल के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, अभी तक असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। किसी संगठन ने अब तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।

हमले के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां पहुंच गई हैं, और जंगलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चल रहा है। ड्रोन और हेलीकॉप्टर से भी निगरानी की जा रही है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


तेंगनौपाल जिला म्यांमार की सीमा से सटा हुआ है और पिछले कुछ महीनों से यहां फिर से उग्रवादी गतिविधियां बढ़ गई हैं। मई 2023 में शुरू हुई कुकी-मैतेई जातीय हिंसा के बाद यह इलाका अशांत है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह की गोलीबारी और धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इसके बाद से गांवों में दहशत का माहौल है और लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे।

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