केंद्र ने माना सिर्फ एक तिहाई आबादी को ही लगी हैं वैक्सीन की दोनों डोज़, 48 जिलों में आधे लोगों को भी नहीं मिली है वैक्सीन

केंद्र सरकार ने माना है कि देश की सिर्फ 32 फीसदी आबादी को ही वैक्सीन की दोनों डोज़ मिली हैं। वहीं यह भी स्वीकार किया है कि देश के कम से कम 48 जिले ऐसे हैं जहां की आधी आबादी को भी वैक्सीन की एक डोज़ तक नहीं लगी है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कोरोना वैक्सीन के 100 करोड़ का जश्न गाजे-बाजे से मनाने के बाद आखिरकार मोदी सरकार को मानना ही पड़ा है कि देश की सिर्फ एक तिहाई आबादी को ही पूर्ण रूप से कोरोना की वैक्सीन लग पाई है। यानी सिर्फ 32 फीसदी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी हैं। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिल्ली में राज्यों को स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ कोविड वैक्सीन के मुद्दे पर हुई बैठक के बाद कही।

मनसुख मंडाविया ने यह भी बताया कि देश के कम से कम 48 जिले ऐसे हैं जहां की आधी आबादी को वैक्सीन की एक डोज़ भी नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में अब अधिक ध्यान इन्हीं जिलों पर खासतौर से रहेगा।


उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार मेगा वैक्सीनेशन अभियान शुरु करने वाली है और इस अभियान का नाम 'हर घर दस्तक' होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और जो लोग वैक्सीन लगाने के लिए पात्र हैं उन्हें पहली या दूसरी डोज़ दी जाएगी। इस बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का दूसरी डोज़ न लेना चिंता का विषय है। बैठक में सामने आया कि कम से कम 10 करोड़ लोगो ऐसे हैं जिन्हें दूसरी डोज़ लग जानी चाहिए थी लेकिन अभी तक नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस सिलसिले में सोशल मीडिया के अलावा सामाजिक और धार्मिक संगठनों की मदद से लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करेगी।

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