परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण टाल रही मोदी सरकारः जयराम रमेश

जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद केंद्र ने अभी तक महिला आरक्षण लागू नहीं किया है।

परिसीमन के नाम पर महिला आरक्षण टाल रही मोदी सरकारः जयराम रमेश
i
user

नवजीवन डेस्क

कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण लागू करने में देरी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी पहले ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद केंद्र ने अभी तक महिला आरक्षण लागू नहीं किया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर 20 सितंबर 2017 को लिखे सोनिया गांधी के पत्र को साझा करते हुए लिखा, "तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी ने महिला आरक्षण बिल पास कराने के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था। कांग्रेस पार्टी का रुख इस मामले पर हमेशा अडिग और एक जैसा रहा है। यह मोदी सरकार ही है, जिसने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर इसे परिसीमन से जोड़कर इसमें देरी करने की कोशिश की।"


जयराम रमेश ने दूसरे पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी ने 16 जुलाई 2018 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महिलाओं के लिए आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी। इस मांग पर अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। आठ साल बाद भी प्रधानमंत्री आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर इसके लागू होने में देरी करना चाहते हैं।"

दरअसल, महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। इसको लेकर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि परिसीमन विधेयक मंजूर नहीं हुआ इसलिए मोर्चा निकाला जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक 2023 में मंजूर हो चुका है। राष्ट्रपति ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर किए और बीजेपी ने विधेयक का अध्यादेश निकालकर लागू करना शुरू कर दिया है तो कौन से महिला आरक्षण विधेयक को लेकर मोर्चा निकाला जा रहा है?


संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सबसे पहले लोकसभा का डिबेट सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप (मुख्यमंत्री) डिबेट के लिए ऐसे व्यक्ति को लेकर आएं, जो हमारे लेवल का हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बुलाइए। दूसरी तरफ, एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी जानती है कि यह विधेयक 2023 में ही पास हो चुका था। हमने इस विधेयक को पास कर दिया है। यह ढाई साल पहले हुआ था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा है।

Google न्यूज़नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia