मोदी सरकार ने विदेश नीति गिरवी रख दी, युद्ध और महंगाई पर संसद में हो चर्चा: अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि जब बजट सत्र का पहला चरण समाप्त हुआ था तब हालात अलग थे, लेकिन आज देश की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। ऐसे में संसद में विदेश नीति, राष्ट्रीय संप्रभुता, आपूर्ति व्यवस्था और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।

मोदी सरकार ने विदेश नीति गिरवी रख दी, युद्ध और महंगाई पर संसद में हो चर्चा: अखिलेश यादव
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नवजीवन डेस्क

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने देश की विदेश नीति को गिरवी रख दिया है। उन्होंने कहा कि देश के सामने युद्ध, महंगाई और विदेशों में फंसे भारतीयों जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब भारत की विदेश नीति पर दूसरे देशों का प्रभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आत्मनिर्भरता की बात करती है, लेकिन तेल खरीदने जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर भी अमेरिका का दबाव दिखाई देता है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को युद्ध की स्थिति को लेकर अपना स्पष्ट रुख बताना चाहिए।


सपा प्रमुख ने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक, कामकाजी लोग, पर्यटक और पत्रकार फंसे हुए हैं। उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही युद्ध की वजह से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब संसद के बजट सत्र का पहला चरण समाप्त हुआ था तब हालात अलग थे, लेकिन वर्तमान युद्धकालीन परिस्थितियों में देश की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। ऐसे में संसद में विदेश नीति, राष्ट्रीय संप्रभुता, आपूर्ति व्यवस्था और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।


इस बीच उन्होंने घोषणा की कि बहुजन नायक कांशीराम के 92वें जन्मदिवस पर 15 मार्च को समाजवादी पार्टी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘बहुजन समाज दिवस’ या ‘पीडीए दिवस’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपना जीवन बहुजन समाज को संगठित करने और उसे शासन में भागीदारी दिलाने के लिए समर्पित किया था। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की विचारधारा के तहत सामाजिक न्याय और भाईचारे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।