अब इस सेक्टर में बड़े पैमाने पर होने वाली है छंटनी, 40 हजार लोगों की नौकरी पर तलावर?

देश की सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियां कारोबार में नरमी के चलते इस साल मध्यम स्तर के 30,000 से 40,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज मोहनदास पई के मुताबिक हजारों लोगों की नौकरियों पर संकट के बादल मंडरा रह हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार में देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। बेरोजगारी चरम पर है। नोटबंदी की वजह से लाखों लोग अपना रोजगार गंवा चुके हैं। इसी बीच खबर है कि देश की सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियां कारोबार में नरमी के चलते इस साल मध्यम स्तर के 30,000 से 40,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज मोहनदास पई के मुताबिक हजारों लोगों की नौकरियों पर संकट मंडरा रह है। हालांकि उनका कहना है कि यह आम बात है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर लोगों का रोजगार जाने से स्थिति और खराब होगी।

पई ने कहा, 'पश्चिम में यह सभी क्षेत्रों में होता है। भारत में भी जब कोई क्षेत्र परिपक्व होता है तब वहां मध्यम स्तर पर कई कर्मचारी होते हैं जो प्राप्त वेतन के अनुसार मूल्य वर्द्धन नहीं कर पाते।' उन्होंने कहा कि जब कंपनियां तेजी से वृद्धि करती हैं तब पदोन्नति होती हैं लेकिन जब इसमें नरमी आती है, तब जो लोग उच्च स्तर पर मोटी तनख्वाह लेते हैं, उनकी संख्या बढ़ती जाती है।

ऐसे में कंपनियों को समय-समय पर अपने कार्यबल का पुनर्निर्धारण करना होता है और लोगों की छंटनी करनी होती है। आरिन कैपिटल एंड मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन सर्विसेज के चेयरमैन पई ने कहा, ‘‘यह चीज हर पांच साल पर होती है।’’ उन्होंने कहा, 'जबतक आप उस अनुसार प्रदर्शन नहीं करते हैं, मोटी तनख्वाह का कोई मतलब नहीं हैं...आपको मूल्य के अनुसार काम करना होगा।'

यह पूछे जाने पर कि मझोले स्तर पर कितने कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है, पई ने कहा, ‘‘पूरे उद्योग में 30,000 से 40,000 लोगों की छंटनी हो सकती है।’’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी गंवाने वाले करीब 80 फीसदी कर्मचारियों के लिये रोजगार के अवसर होंगे बशर्ते वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हों।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 19 Nov 2019, 8:00 AM