पीएम आवास के पास धरने से हिली सरकार, राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने जबरन उठाया, हिरासत में लिया
हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो- छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को बलपूर्वक और घसीटते हुए उठाया गया, जिससे उन्हें चोट भी आई।

दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं को बलपूर्वक बसों में भरकर वहां से ले जाया गया है।
छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब नहीं रुकेगी
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कर ले, इंसाफ की लड़ाई नहीं रुकने वाली है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, हर ज़ोर आज़मा लो, सारी ताकत लगा लो - छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी।’’ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को ‘बलपूर्वक’ और ‘घसीटते हुए’ उठाया गया, जिससे उन्हें चोट भी आई।
तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से ले जाया गया। खड़गे ने कहा कि ‘‘तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है’’ और सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ दिया। खड़गे ने सवाल किया, ‘‘ये कौन सा लोकतंत्र है?’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया, ‘‘तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है।’’ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की नेता सुप्रिया सुले भी इस धरना में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया है। इस दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने प्रियंका गांधी को चारों ओर से पकड़कर, घसीटते हुए हिरासत में लिया और बस में डाला।
प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
इससे पहले मंगलवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और कई अन्य कांग्रेस सांसदों और नेताओं ने छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठ गए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। धरने में शामिल नेताओं ने ‘प्रधानमंत्री इस्तीफा दो’, ‘गुंडागर्दी नहीं चलेगी’ तथा ‘छात्रों को न्याय दो’ जैसे नारे लगाए।
छात्रों पर हमले की जवाबदेही ले सरकार
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाथों में हथकड़ियां पहनकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का सांकेतिक विरोध किया। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद ही लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। धरना शुरू होने के कुछ देर बाद राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने के इच्छुक लोगों से धरने में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार को इस मामले में जवाबदेही लेनी चाहिए।
धरने की खबर मिलते ही पूरी सरकार हिली
नेता विपक्ष के पीएम आवास के पास धरने पर बैठने की खबर मिलते ही पूरी सरकार हिल गई। आननफानन में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह केंद्रीय गृह सचिव के साथ धरना स्थल पर आए और राहुल गांधी से मिलकर बातचीत कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया। इस दौरान राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह के सामने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा समेत कई मांगें रखी।
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दिल्ली पुलिस ने कई रास्तों को बंद किया
इसके बाद सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इस बीच पीएम आवास के पास धरना स्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उस मार्ग तक आने वाले सारे रास्तों को कई किलोमीटर पहले बंद कर दिया। इसके बावजूद जब धरना समाप्त नहीं हुआ, तो पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को ‘बलपूर्वक’ हिरासत में लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई। पुलिस द्वारा उठाए जाने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जोरदार प्रतिरोध भी किया।
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