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पीएम मोदी झूठ बोलने की फैक्ट्री ही नहीं, झूठ के डिस्ट्रीब्यूटर भी : ट्विटर चौपाल में बोले तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल - आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो वादे किए थे वह साढ़े चार साल में भी पूरे नहीं कर पाए।

फोटो सौजन्य : @yadavtejashwi

नवजीवन डेस्क

तेजस्वी यादव ने गुरुवार को पटना में ट्विटर चौपाल लगाई और लोगों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा न निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि, “पीएम मोदी झूठ बोलने की फैक्ट्री ही नहीं, झूठ के डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं।” बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा, “मोदी जी प्रत्येक साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर सरकार में आए थे, लेकिन साढ़े चार साल गुजर जाने के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। राज्य में बेरोजगारों की फौज बढ़ गई।"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को विशेष पैकेज देने का वादा किया था, लेकिन अब तक पैकेज का एक पैसा भी नहीं मिला। जातिवाद से संबंधित एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि आरजेडी कभी जातिवाद की समर्थक नहीं रही। किसी जाति का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था आरजेडी ने नहीं बनाई है। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पूछिए कि क्यों एक ही जाति के लोग वहां प्रमुख बनते रहे हैं। केंद्र में सबसे ज्यादा मंत्री एक ही जाति के क्यों हैं।

एक और सवाल के जवाब में तेजस्वी ने कहा, "देश के प्रधानमंत्री मोदी झूठ बोलने की 'फैक्ट्री ही नहीं डिस्ट्रीब्यूटर' भी हैं। ये लगातार झूठ पर झूठ बोलते रहते हैं, जिससे देश का कभी भला नहीं होने वाला है।"

चौपाल में तेजस्वी से बिहार की समस्याओं से लेकर देश और राज्य की राजनीति से संबंधित प्रश्न पूछे गए। लोगों के सवालों के जवाब देने के क्रम में वह अपने विरोधियों पर भी निशाना साधते रहे। एक सवाल पर उन्होंने बिहार में पलायन की समस्याओं से निपटने के लिए रोजगार के साधन बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत बताई।

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार को 'डबल इंजन की सरकार' बताते हैं, फिर भी बिहार में विकास ठप है। किसानों की कर्जमाफी से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "पार्टी किसानों की कर्जमाफी के साथ उनके उत्पादित खाद्यान्नों से आय कैसे बढ़े, इस पर खास ध्यान देगी।"

उन्होंने बिहार में आपराधिक घटनाएं बढ़ने का दावा करते हुए कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की है। इसी क्रम में उन्होंने बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था में भी सुधार करने की जरूरत बताई।

तेजस्वी ने ट्वीट कर 'ट्विटर चौपाल' लगाने की घोषणा पहले ही की थी। इस कार्यक्रम को अगले लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, आरजेडी के विरोधी राजनीतिक दल इसे लेकर उनपर निशाना भी साध रहे हैं। जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि 'सोने का चम्मच' लेकर पैदा हुए 'युवराज' को अब गांव के लोगों के बीच जाने से भी डर लगता है।

तेजस्वी को 'ट्विटर ललबबुआ' नाम देते हुए उन्होंने कहा, "आज वे (तेजस्वी) भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, जबकि उनके पिताजी लालू प्रसाद ही भ्रष्टाचार के मामले में सजा काट रहे हैं। तेजस्वी खुद भी भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी हैं।"

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